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Husband-Wife Sleep Rule: पत्‍नी को पति के किस ओर सोना चाहिए, बेडरूम में बेड की जगह क्या होनी चाहिए? दांपत्य जीवन अच्छा रखना है और खटपट से बचना है तो जरूर जान लें

Why Should a Wife Sleep on the Left Side of her Husband: ज्‍योत‍िष शास्‍त्र में पति और पत्नी को सोने को लेकर नियम भी बताए गए हैं. बेडरूम में बेड की जगह क्या होनी चाहिए, इसके बारे में भी बताया गया है. ज्‍योत‍िष शास्‍त्र के मुताबिक पत्नी को हमेशा अपने पति के बाएं ओर ही सोना चाहिए. आइए जानते हैं ऐसा क्यों करना चाहिए और बेडरूम में बेड की जगह क्या होनी चाहिए? 

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पति और पत्नी का सात जन्मों का रिश्ता माना जाता है. हर पत्नी चाहती है कि उसका दांपत्य जीवन सुखद रहे. पति-पत्नी में प्रेम बना रहे. हालांकि कई बार यह समझ में नहीं आता है कि अखिर क्या वजह है कि पति-पत्नी में खटपट बनी रहती है. आपको मालूम हो कि ऐसा बेडरूम में बेड की गलत जगह के कारण हो सकता है. ऐसा पत्नी के पति के गलत साइड में सोने से हो सकता है. आइए जानते हैं पत्नी को पति के किस साइड में सोना चाहिए और बेडरूम में बेड की सही जगह क्या होनी चाहिए? 

पत्‍नी को कहा जाता है वामंगी 
हिंदू धर्म में विवाह के दौरान पत्‍नी को पति के वाम अंग यानी बायी तरफ आने के लिए कहा जाता है. इतना ही नहीं शादी के बाद जब भी कोई पूजा या धार्मिक अनुष्‍ठान होता है तो पत्‍नी हमेशा पति के वाम अंग में ही बैठती है. पत्‍नी को वामंगी भी कहा जाता है, जि‍सका मतलब होता है बाएं अंग की अधिकारी. ज्‍योत‍िष शास्‍त्र के मुताबिक सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान में ही नहीं बल्कि सोने के दौरान भी पत्नी को हमेशा पति के बाएं ओर ही सोना चाहिए. आपको मालूम हो कि यह सिर्फ एक वैदिक नियम नहीं है, बल्‍कि इसका संबंध हमारे मानस‍िक स्‍वास्‍थ्‍य से भी जुड़ा है. ज्‍योत‍िष शास्‍त्र के मुताबिक पत्‍नी के पति के बाएं तरफ सोने के पीछे हमारे शरीर की सूर्य नाड़ी और चंद्र नाड़ी हैं. सूर्य नाड़ी शरीर के दाहिनी ओर स्थित होती है. यह ऊर्जा, उत्साह और निर्णय लेने की क्षमता को दर्शाती है. उधर, चंद् रनाड़ी शरीर के बाईं ओर स्थित होती है. 

यह सौम्यता, शांति और भावनात्मक संतुलन को दर्शाती है. चंद्र नाड़ी को ईड़ा नाड़ी भी कहते हैं. इसका संबंध चंद्र यानी चंद्रमा के शीतलता और शांतिप्रद प्रकृति से है. यह नाड़ी जब प्रधान होती है तो व्यक्ति अधिक शांत और प्रशन्न अनुभव करता है. चंद्र नाड़ी की सक्रियता से शरीर और मन को ठंडा और आरामदायक अहसास होता है. वहीं, इसके उलट सूर्य नाड़ी हमारे सूक्ष्म शरीर में एक प्रमुख नाड़ी है, जिसे आमतौर पर पिंगला नाड़ी भी कहा जाता है. सूर्य नाड़ी सूर्य की तरह गर्म, प्रकाशमान और सक्रिय ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती है. जब पति-पत्नी साथ होते हैं तो पत्नी का बाएं ओर रहना भावनात्मक सामंजस्य, रिश्तों में मधुरता को प्रबल बनाता है. उधर, पति के दाहिनी ओर होना उसके निर्णय लेने की क्षमता और ऊर्जा और उत्साह को प्रभावित करता है. इस तरह पति और पत्नी के रिश्तों में सौम्यता और सामंजस्य के लिए सही दिशा में सोना जरूरी है. 

क्या है बेडरूम में बेड की सही स्थिति 
1. बेड यानी बिस्तर को खिड़की से सटाकर नहीं लगाना चाहिए. इससे पति-पत्नी के रिश्तों में तनाव उत्पन्न होता है. आपसी असहयोग की प्रवृत्ति बढ़ती है.
2. बेडरूम में ऐसी चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जो अलगाव दर्शाती हो.
3. छत पर बीम का होना और दो अलग मैट्रेस का प्रयोग भी प्रेम संबंधो में दूरी बनाता है. जहां तक संभव हो पति-पत्नी एक ही मैट्रेस पर सोएं.
4. बिस्तर पर ऐसी चादर प्रयोग में न लाएं, जिसमें छेद हों. इससे दांपत्य जीवन में खटास बढ़ती है.
5. पलंग के नीचे कुछ भी सामान न रखें. पलंग के नीचे जगह को खाली रहने दें, इससे आपके बेड के चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा बिना किसी बाधा के प्रवाहित हो सकेगी.
6. बेडरूम के प्रवेश द्वार वाली दीवार के साथ बेड लगाने से बचना चाहिए. इससे रिश्तों में कटुता आती है.
7. उस दीवार से सटाकर भी बेड न लगाएं, जिसकी दूसरी ओर बाथरूम या टॉयलेट हो.
8. बेड के सामने या कहीं भी ऐसी जगह शीशा नहीं लगाना चाहिए, जहां से बेड का प्रतिबिंब दिखता हो. इससे संबंधों में दरार आती है और अनिद्रा और बदन दर्द के भी शिकार हो सकती है.
9. पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ाने के लिए घर की दीवारों पर हल्का गुलाबी, नीला, हल्का ग्रे या हल्के येलो रंग का ही प्रयोग करें. ये रंग शांति और प्यार को बढ़ाने वाले माने जाते हैं.