पंचमी की स्पेशल मिठाई बूंदी
पंचमी की स्पेशल मिठाई बूंदी
बसंत पंचमी का दिन मिठास और शुभता का प्रतीक होता है. इस दिन पीले रंग के कपड़े और पकवान बनाए जाते हैं और बूंदी उनमें सबसे आसान और पसंदीदा मिठाई मानी जाती है. खास कर के बिहार, झारखंड और बंगाल में बसंत पंचमी के दिन बूंदी पूजा में चढ़ाने की विशेष परंपरा है. आज हम आपको बताएंगे कि घर में बूंदी कैसे बनाएं जो स्वाद में बाजार वाली बूंदी से कम नहीं लगती.
इस तरह कर सकते हैं बूंदी के लिए घोल तैयार
सबसे पहले एक कटोरे में बेसन लें. इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए चिकना घोल बनाएं. ध्यान दें कि घोल न ज्यादा गाढ़ा हो और न ही बहुत पतला. चाहें तो रंग के लिए एक चुटकी हल्दी या पीला फूड कलर मिला सकते हैं. इससे बूंदी का रंग सुंदर आता है.
बूंदी तलने का सही तरीका
कढ़ाई में तेल या घी गरम करें. आंच मध्यम रखें, बहुत तेज आंच पर बूंदी जल सकती है. अब छेद वाली करछुल को कढ़ाई के ऊपर पकड़ें और उस पर घोल डालते जाएं. हल्के हाथ से करछुल के डंडे पर थपथपाएं ताकि बूंदें तेल में गिरती जाए. बूंदी को ज्यादा देर न तलें, बस जब कुरकुरी हो जाए, तभी निकाल लें. सारी बूंदी इसी तरह तल लें और अलग रख दें.
चाशनी बनाने का आसान तरीका
अब एक कढ़ाई में चीनी और पानी डालें. चीनी घुल जाए, तब धीमी आंच पर रखें. चाशनी में उबाल आने दें. फिर इसमें इलायची पाउडर डालें. चाशनी को एक तार की न रखें, बूंदी की चाशनी हल्की चिपचिपी होनी चाहिए.
बूंदी को चाशनी में कब और कैसे डालें
अब गैस धीमी कर दें और गरम चाशनी में तली हुई बूंदी डालें. हल्के हाथ से चलाएं ताकि सारी बूंदी चाशनी में अच्छे से मिल जाए. 5 से 7 मिनट तक ढककर रखें. इससे बूंदी अंदर तक मीठी हो जाती है और नरम भी रहती है.
बूंदी को और बेहतर बनाने के छोटे टिप्स
ये भी पढ़ें