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Basanti Pulav Recipe: बनाएं बसंत पंचमी का सबसे खास भोग, बंगाल का मशहूर बसंती पुलाव... और जानें 2026 में सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त

इस साल सरस्वती पूजा यानी बसंत पंचमी 23 मार्च 2026 को पड़ने जा रही है. इस बार पूजा करने का शुभ मुहूर्त सुबह 7:30 से शुरू होगा और 11:30 तक रहेगा.

बसंती पुलाव रेसिपी और सरस्वती पूजा का मुहूर्त बसंती पुलाव रेसिपी और सरस्वती पूजा का मुहूर्त

Basanti Pulav Recipe and Sarasvati Puja Timing बंगाल, झारखंड और बिहार के घर-घर में बसंत पंचमी का त्योहार खूब धूम-धाम से मनाया जाता है. जहां बिहार और झारखंड में लोग इस दिन मालपुआ और बूंदिया का प्रसाद तैयार करवाते हैं. वहीं बंगाल में लोग बसंती पुलाव को घर पर बनाते हैं और मां भगवती को भोग में चढ़ाते हैं. बसंत पंचमी का त्योहार, ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित है. 

इस दिन ये तीनों राज्य, खान-पान से लेकर कपड़ों तक में पीले रंगों से ढंक जाता है. इस दिन पीले रंग के भोजन और कपड़ों का विशेष महत्व माना गया है. इस लिए इस पीले पुलाव को बंगाल में बसंती पुलाव का खिताब मिला. आइए इस आर्टिकल में हम समझते हैं कि बंगाल की मशहूर डिश बसंती पुलाव आखिर बनती कैसे है. 


बसंती पुलाव बनाने का सामान

  • बासमती चावल- 1 कप
  • घी- 2 से 3 चम्मच
  • हल्दी या केसर- रंग के लिए
  • साबुत गरम मसाले (तेज पत्ता, इलायची, दालचीनी)
  • काजू, किशमिश
  • नमक- स्वाद अनुसार
  • चीनी- हल्की मिठास के लिए
  • पानी- आवश्यकतानुसार

बसंती पुलाव बनाने का तरीका 

  • सबसे पहले चावल को धोकर 20 मिनट के लिए भिगो दें. इससे चावल खिले-खिले बनते हैं.
  • कढ़ाई या पैन में घी गर्म करें और फिर सारे साबुत गरम मसाले डाल कर भूनें. 
  • मसालों की खुशबू आने पर काजू-किशमिश डालकर थोड़ा सा भूनें.
  • अब चावल डालकर धीरे-धीरे चलाएं. ध्यान रखें कि चावल चीपके नहीं पैन में.
  • इसमें हल्दी या केसर मिला कर पानी डालें और स्वाद अनुसार नमक और थोड़ी सी चीनी मिलाएं. पानी का ख्याल रखें क्योंकि भगोने के बाद चावल को पकने के लिए कम पानी की जरूरत होती है. 
  • ढककर धीमी आंच पर चावल पकाएं. 
  • जब पुलाव तैयार हो जाए, तो इसे पूजा में भोग के रूप में अर्पित मां को समर्पित करें. 

दरअसल बंगाल में बसंती पुलाव के बिना बसंत पंचमी अधूरा माना जाता है. लोग इस चावल को घर में बनाते हैं और देवी मां को अर्पित करते हैं. हालांकि ये डिश सिर्फ बंगाल तक सिमित नहीं है. आप भी इस तरीके से इस पुलाव को बना सकते हैं और अपने परिवार के साथ, इस बसंत पंचमी देवी मां को प्रसाद में भोग लगा सकते हैं.  

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