best way to keep pot soil moisture for longer
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गर्मी का मौसम आते ही स्कूलों में लंबी छुट्टियां शुरू हो जाती हैं और लोग परिवार के साथ घूमने-फिरने का प्लान बनाने लगते हैं. यह समय फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का अच्छा मौका होता है, लेकिन घर में लगे पौधों की देखभाल लोगों के लिए चिंता का कारण बन जाती है. तेज धूप, गर्म हवाएं और लगातार बढ़ता तापमान पौधों को तेजी से नुकसान पहुंचाते हैं. ऐसे में अगर कुछ दिनों के लिए घर बंद हो, तो कई बार लौटने तक पौधे सूखने लगते हैं या पूरी तरह खराब हो जाते हैं.
गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा असर पौधों की पत्तियों पर पड़ता है. तेज धूप की वजह से पत्तियों के किनारे सूखकर भूरे या काले होने लगते हैं. इस स्थिति को लीफ बर्न कहा जाता है. जब पत्तियां खराब होती हैं, तो पौधे ठीक तरह से भोजन नहीं बना पाते और उनकी बढ़त रुक जाती है. इसके अलावा तेज गर्मी में गमले की मिट्टी का पानी बहुत तेजी से सूख जाता है. सुबह डाला गया पानी भी शाम तक खत्म हो जाता है. मिट्टी में नमी कम होने से जड़ों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता और पौधे कमजोर पड़ने लगते हैं. कई बार ज्यादा गर्मी और सूखेपन के कारण पौधे अपने फूल, कलियां और नई पत्तियां भी गिराने लगते हैं ताकि वे खुद को बचा सकें.
कपड़ा और स्पंज से बनाए रखें नमी
अगर आप चाहते हैं कि पौधों की मिट्टी लंबे समय तक नम बनी रहे, तो घर में मौजूद पुराना सूती कपड़ा या स्पंज काफी मददगार साबित हो सकता है. इसके लिए गमले में पौधे की जड़ से थोड़ी दूरी पर छोटा गड्ढा बनाएं और उसमें कपड़े या स्पंज का टुकड़ा दबाकर ऊपर से मिट्टी डाल दें.
जब पौधों में पानी डाला जाएगा, तो कपड़ा या स्पंज पानी को सोखकर धीरे-धीरे जड़ों तक पहुंचाता रहेगा. इससे मिट्टी लंबे समय तक गीली बनी रहती है और पौधों को लगातार नमी मिलती रहती है. यह तरीका उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है जो रोज पौधों की देखभाल नहीं कर पाते.
मल्चिंग और बोतल ट्रिक भी है असरदार
गर्मी से पौधों को बचाने के लिए गमले की मिट्टी के ऊपर नारियल के छिलके, सूखी घास या सूखी पत्तियां बिछाई जा सकती हैं. इससे धूप सीधे मिट्टी पर नहीं पड़ती और पानी जल्दी नहीं सूखता. इस प्रक्रिया को मल्चिंग कहा जाता है.
इसके अलावा प्लास्टिक की बोतल में पानी भरकर उसे गमले में उल्टा रख सकते हैं. ध्यान रहे कि बोतल के ढक्कन में 4 से 5 छोटे छेद जरूर करें. इससे पानी धीरे-धीरे मिट्टी में रिसता रहेगा और पौधों को लंबे समय तक नमी मिलती रहेगी.
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