crassula plant
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वास्तु शास्त्र में घर में लगाए जाने वाले पौधों का विशेष महत्व बताया गया है. माना जाता है कि कुछ पौधे घर में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं और आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. मनी प्लांट के बारे में तो लगभग सभी लोग जानते हैं, लेकिन आजकल क्रासुला पौधा भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है. वास्तु शास्त्र के अनुसार यह पौधा धन को अपनी ओर आकर्षित करने वाला माना जाता है. यही कारण है कि इसे घर और ऑफिस में लगाने की सलाह दी जाती है. क्रासुला को भगवान कुबेर का प्रिय पौधा भी माना जाता है.
क्या है क्रासुला पौधा
क्रासुला का पूरा नाम क्रासुला ओवाटा है. इसे जेड ट्री, लकी ट्री, फ्रेंडशिप ट्री और मनी ट्री के नाम से भी जाना जाता है. यह एक सजावटी पौधा है, जिसे लोग घर और ऑफिस की सुंदरता बढ़ाने के लिए लगाते हैं. वास्तु मान्यताओं के अनुसार यह पौधा आर्थिक समृद्धि, खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी लाभकारी माना जाता है.
धन लाभ के लिए शुभ माना जाता है पौधा
मान्यता है कि क्रासुला का पौधा धन को चुंबक की तरह अपनी ओर खींचता है. कहा जाता है कि यदि घर में आर्थिक तंगी बनी रहती है या पैसा टिकता नहीं है, तो इस पौधे को लगाने से लाभ मिल सकता है. व्यापार करने वाले लोगों के लिए भी यह पौधा शुभ माना जाता है. ऑफिस या दुकान में इसे रखने से आर्थिक लाभ और तरक्की मिलने की बात कही जाती है.
हालांकि, क्रासुला पौधे को गलत दिशा में रखने से लाभ की जगह नुकसान भी हो सकता है. वास्तु के अनुसार इस पौधे को घर के मुख्य प्रवेश द्वार की दाहिनी ओर रखना शुभ माना जाता है. इसके अलावा इसे उत्तर-पूर्व दिशा या लिविंग रूम में भी रखा जा सकता है. ऑफिस में इसे एंट्री गेट के पास रखना अच्छा माना जाता है.
दिखने में भी बेहद आकर्षक होता है क्रासुला
क्रासुला का पौधा देखने में बहुत सुंदर लगता है. इसकी पत्तियां मोटी, मुलायम और त्रिकोणीय आकार की होती हैं. पत्तियों के किनारे हल्के नुकीले दिखाई देते हैं. इसकी पत्तियां मजबूत और लचीली होती हैं. बसंत ऋतु में इस पौधे पर छोटे सफेद या गुलाबी रंग के तारे के जैसे दिखने वाले फूल खिलते हैं, जो इसकी सुंदरता को और बढ़ा देते हैं.
कम देखभाल में आसानी से बढ़ता है पौधा
क्रासुला का पौधा फरवरी से अगस्त के बीच लगाना सबसे अच्छा माना जाता है, हालांकि इसे किसी भी मौसम में लगाया जा सकता है. इस पौधे को ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती. इसमें बहुत अधिक पानी देने की आवश्यकता नहीं पड़ती. सप्ताह में दो या तीन बार पानी देना पर्याप्त होता है. यह पौधा कम जगह में भी आसानी से उग जाता है और छांव में भी अच्छी तरह बढ़ता है.
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