Curry Plant Care In Monsoon
Curry Plant Care In Monsoon
बारिश का मौसम करी पत्ता लगाने और उसकी ग्रोथ बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. इस समय मिट्टी में नमी बनी रहती है और पौधे की जड़ें तेजी से फैलती हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपका करी पत्ता का पौधा छोटा-सा न रहकर घनी झाड़ी जैसा बन जाए, तो मानसून में उसकी सही देखभाल करना जरूरी है. सही खाद, समय पर छंटाई और संतुलित पानी देने से पौधा तेजी से बढ़ता है और सालभर ताजे, खुशबूदार पत्ते देता है.
अगर आप नया करी पत्ता उगाना चाहते हैं, तो मानसून सबसे बेहतर मौसम है. इस समय बीज आसानी से अंकुरित होते हैं और पौधे को नई जगह पर जमने में ज्यादा दिक्कत नहीं होती. अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में बीज या छोटा पौधा लगाएं. गमले में नीचे छेद जरूर होना चाहिए, ताकि पानी जमा न रहे. लगातार पानी भरने से जड़ें सड़ सकती हैं.
करी पत्ता को तेजी से बढ़ाने के लिए नाइट्रोजन से भरपूर ऑर्गेनिक खाद सबसे फायदेमंद मानी जाती है. नाइट्रोजन नई पत्तियों की ग्रोथ बढ़ाती है और पौधे को गहरा हरा रंग देती है. हर 30 से 45 दिन में गोबर की सड़ी हुई खाद, वर्मी कम्पोस्ट या ऑर्गेनिक नाइट्रोजन वाली खाद डाल सकते हैं. खाद डालने के बाद हल्की सिंचाई जरूर करें, ताकि पोषक तत्व जड़ों तक पहुंच सकें.
अगर आप केमिकल फर्टिलाइजर नहीं देना चाहते, तो घर में मौजूद कुछ चीजें भी करी पत्ता के लिए बेहद फायदेमंद हैं.
खट्टा दही या छाछ: दो से तीन चम्मच खट्टा दही या छाछ को एक लीटर पानी में मिलाकर पौधे की जड़ में डालें. इससे पौधे को नाइट्रोजन के साथ लाभकारी सूक्ष्मजीव मिलते हैं, जो जड़ों को मजबूत बनाने और फंगल संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं.
एप्सम सॉल्ट: एक लीटर पानी में एक चम्मच एप्सम सॉल्ट मिलाकर हर तीन महीने में पौधे को दें. इसमें मौजूद मैग्नीशियम पत्तियों को ज्यादा हरा और चमकदार बनाने में मदद करता है.
कॉफी ग्राउंड्स: इस्तेमाल की हुई सूखी कॉफी को हल्के हाथ से मिट्टी की ऊपरी परत में मिलाएं. इससे मिट्टी में नाइट्रोजन बढ़ती है और मिट्टी का संतुलन बेहतर होता है. ध्यान रखें कि इसकी मात्रा बहुत ज्यादा न हो.
करी पत्ता का पौधा लंबा तो जल्दी हो जाता है, लेकिन अगर उसकी समय-समय पर हल्की छंटाई नहीं की जाए तो वह घना नहीं बनता. नई टहनियों के ऊपरी हिस्से को हल्का काटने से साइड ब्रांच निकलती हैं और पौधा झाड़ी जैसा फैलने लगता है. सूखी, पीली या बीमार शाखाओं को भी समय पर हटा देना चाहिए.
बारिश के मौसम में रोज पानी देने की जरूरत नहीं होती. पहले मिट्टी की ऊपरी परत देखकर ही सिंचाई करें. अगर मिट्टी पहले से गीली है तो पानी न दें. करी पत्ता को रोज कम से कम 4 से 6 घंटे की धूप मिलनी चाहिए. पर्याप्त धूप मिलने पर पत्तियां ज्यादा सुगंधित और स्वस्थ रहती हैं. साथ ही, समय-समय पर पौधे की पत्तियों की जांच करें. अगर कीड़े या फफूंदी दिखे तो नीम के तेल का हल्का घोल छिड़क सकते हैं.