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दिल्ली फायर सर्विस में शामिल हुए 6 स्वदेशी रोबोट, मिनटों में बुझा सकते हैं आग, जानिए इसकी विशेषताएं

दिल्ली फायर सर्विस के बेड़े में शामिल हुआ है एक ऐसा फायर फाइटर जो बेहद खास है. यह फायर फाइटर एक भारत में बना रोबोट है जिसे हम फायर कमांडो भी कह सकते हैं.

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Delhi Fire Service Delhi Fire Service
हाइलाइट्स
  • ज्यादा टैम्परेचर में भी कर सकता है काम

  • रोबोट में लगा है थर्मल इमेजिंग कैमरा

दिल्ली में हर साल गर्मी बढ़ने के साथ-साथ आप की घटनाएं भी बढ़ने लगती हैं. लेकिन इस बार गर्मी के मौसम में दिल्ली फायर सर्विस पहले से ही आग की घटनाओं से निपटने के लिए तैयार है. दिल्ली फायर सर्विस के बेड़े में शामिल हुआ है एक ऐसा फायर फाइटर जो बेहद खास है. यह फायर फाइटर एक भारत में बना रोबोट है जिसे हम फायर कमांडो भी कह सकते हैं.

फायर कमांडो की बनावट एक फाइटर टैंक जैसी है. दिखने में यह बहुत छोटा है. इसकी लंबाई 1.28 मीटर है. इसकी चौड़ाई 9 सेंटीमीटर, इसकी ऊंचाई 1.2 मीटर है. यह रोबोट 320 किलो का है और 307 डिग्री पर घूम सकता है. इस रिपोर्ट की खास बात यह है कि ये 7 टन तक का वजन उठा सकता है. इस रोबोट को एक रिमोट कंट्रोल के माध्यम से चलाया जाता है. रोबोट में लगे कैमरे की तस्वीरों को रिमोट की स्क्रीन पर आसानी से देखा जा सकता है.

रोबोट में लगा है थर्मल इमेजिंग कैमरा

इस रोबोट में थर्मल इमेजिंग कैमरा लगा हुआ है जिसकी मदद से दुर्घटना स्थल पर बिना फायर फाइटर को भेजें आसानी से इस रोबोट की मदद से पूरे इलाके का जायजा लिया जा सकता है. अगर कोई दुर्घटना स्थल पर फंसा है तो उसे भी देखा जा सकता है. यह रोबोट 70 से 90 मीटर तक पानी आसानी से फेंक सकता है और किसी भी संकरी गलियों और सीढ़ियों में बिना किसी मुश्किल के चढ़ सकता है.

ज्यादा टैम्परेचर में भी कर सकता है काम

इन रोबोट्स को दिल्ली फायर सर्विस में शामिल करने का उद्देश्य यह है इस रोबोट को जहां आग लगी है वहां भेजा जा सके और इसकी आधुनिक बनावट की मदद से आसानी से लोगों को बचाया जा सके. इससे आग पर काबू पाने, आग बुझाने में होने वाली फायरफाइटर्स की कैजुअल्टीज को भी रोका जा सकता है. यह रोबोट किसी भी शटर और दरवाजे को तोड़ने में सक्षम है अधिक से अधिक तापमान में यह रोबोट काम कर सकता है.

संकरी गलियों में भी जा सकता है

दिल्ली में कई इलाके ऐसे हैं जहां पर गलियां बेहद तंग हैं, इन गलियों में गाड़ियां आसानी से आग बुझाने के लिए नहीं पहुंच पाती हैं. पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक, गांधी नगर, सीलमपुर जैसे ऐसे कई इलाके हैं जहां बेहद संकरी गलियां हैं और बहुत छोटी जगह में बड़ी-बड़ी इमारतें बनी हुई हैं. जब ऐसी जगह पर आग लगती है तब ऐसी जगह में पानी पहुंचाना और आग को बुझाना बेहद मुश्किल हो जाता है. ऐसे में यह रोबोट जो बेहद कॉम्बैट है यह आपको बुझाने में काफी मदद करेगा.

दिल्ली में हैं 6 स्वदेशी रोबोट

दिल्ली फायर सर्विस में ऐसे छह स्वदेशी रोबोट खरीदे हैं और इन्हें आने वाले हफ्ते से ही इस्तेमाल में लाया जाएगा. इन 5 रोबोट्स को दिल्ली के अलग-अलग पांच जगहों में इस्तेमाल किया जाएगा और एक रोबोट को स्टैंड बाय में रखा जाएगा अगर कोई रोबोट खराब होता है तो वह इसे रिप्लेस कर सके.