ब्रेड के गुलाबजामुन
ब्रेड के गुलाबजामुन
आज जब मैं दीदी की रसोई में पहुंची, तो देखा कि वह कुछ ब्रेड के स्लाइस काट-काटकर एक प्लेट में रख रही थीं.
मैंने हैरानी से पूछा, "दीदी, आज नाश्ता ब्रेड का?"
दीदी मुस्कुराईं और बोलीं, "नाश्ता नहीं छोटी… आज तुम्हें ब्रेड से ऐसा मिठाई जादू दिखाऊंगी, जिसे खाकर भूल जाओगी कि गुलाब जामुन सिर्फ खोए से बनता है."
मैंने तुरंत पूछा, "मतलब आज हम गुलाब जामुन खाएंगे?"
दीदी ने आंखों से इशारा करते हुए कहा, "हां, लेकिन वो भी वायरल ब्रेड वाले. जो झटपट बनें और खाने में बिल्कुल मार्केट जैसे नरम हों."
मैं एकदम चुप होकर उनके सामने खड़ी हो गई.
दीदी बोलीं, "चलो शुरू करते हैं… ध्यान से देखना, नहीं तो फिर कहोगी कि दीदी एक बार फिर बना कर बताओ."
पहला स्टेप- ब्रेड का मुलायम आटा तैयार करना
दीदी ने सबसे पहले ब्रेड के 8 से 10 स्लाइस लिए और उनके किनारे काटकर निकाल दिए.
मैंने पूछा, "दीदी ये किनारे क्यों निकाल रही हो?"
वो बोलीं, "यही तो ब्रेड गुलाब जामुन का राज है छोटी. किनारे रहने से आटा सख्त हो जाएगा, गुलाब जामुन नरम नहीं बनेगा."
उन्होंने ब्रेड को एक-एक करके दूध में डुबोया, और हथेली पर रखकर धीरे-धीरे दबाते हुए पूरा मुलायम आटा जैसा मिक्स तैयार कर लिया. मैंने देखा, आटा एकदम रबड़ी जैसा मुलायम लग रहा था.
दीदी बोलीं, "अगर थोड़ा सूखा लगे तो दूध बढ़ा देना, गीला लगे तो थोड़ा सूखा सूजी डाल देना… लेकिन आज हमें जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि हमारा आटा सही बना है."
दूसरा स्टेप- शक्कर की चाशनी बनाना
दीदी ने गैस चालू की और एक पैन में दो कप पानी लिया, उसमें एक कप चीनी और दो इलायची पीस कर डाली. इसके बाद डालकर उबालने रख दिया. उबाल आते ही किचन में मीठी खुशबू फैल गई.
दीदी बोलीं, "छोटी, चाशनी को तार वाली नहीं बनानी, बस चीनी घुल जाए और हल्की सी स्टिकी हो जाए बस इतना काफी है." मैंने सिर हिलाया क्योंकि ये टिप सच में काम की थी.
तीसरा स्टेप- गोल गुलाब जामुन बनाना
दीदी ने ब्रेड वाला आटा उठाया और छोटी-छोटी गोलियां बनानी शुरू कीं.
मैंने पूछा, "दीदी, इतना स्मूद कैसे बना लेती हो?"
उन्होंने हंसते हुए कहा, "बस हथेली पर थोड़ा सा घी लगा लो, फिर देखना कैसे चांद जैसे गोल-गोल बनेंगे." और सच में दीदी से वह गोलियां बिल्कुल परफेक्ट बनीं.
चौथा स्टेप- परफेक्ट फ्राई
दीदी ने कढ़ाई में घी गरम किया. फ्लेम बहुत ज्यादा नहीं रखा, बस मीडियम फ्लेम रखा.
वो बोलीं, "घी बहुत गरम होगा तो गुलाब जामुन बाहर से काले हो जाएंगे और अंदर से कच्चे रह जाएंगे"
जैसे ही घी सही तापमान पर आया, उन्होंने धीरे से 5 से 6 गुलाब जामुन उसमें डाले. गुलाब जामुन तेल में जाते ही हल्के-हल्के होकर घी में ऊपर तैरने लगे और गोल्डन ब्राउन हो गए.
मैंने खुशी से कहा, "दीदी ये तो बिल्कुल मार्केट वाले लग रहे हैं", जिसको सुन कर दीदी मुस्कराई.
पांचवां स्टेप- चाशनी में डुबोने का जादू
दीदी ने गर्म-गर्म गुलाब जामुन चाशनी में डाले और बोलीं "अब इन्हें 10-15 मिनट तक आराम करने दो, ये चाशनी को पीकर फूल जाएंगे."
हालांकि मैं इंतजार नहीं कर पा रही थी. दीदी ने आखिर में चेक करके कहा "लो छोटी, अब चखो."
मैंने एक बाइट जैसे ली, वह बाहर से मुलायम, अंदर से रस से भरे हुए थे. बिल्कुल ऐसा जैसे खोए वाला गुलाब जामुन हों, जो मुंह में जाते ही घुल जाते हैं.
दीदी हंस पड़ीं और बोली "अब बताना, ब्रेड का लगा क्या?"
मैंने सिर हिलाकर कहा, "नहीं दीदी… इस बार भी कमाल कर दिया आपने"
इसपर दीदी बोलीं,"चलो अब पापा-मम्मी के लिए आधा बचा देना वरना कहेंगे कि हम दोनों ने सब खा लिया."
अगर तुमने अभी तक ब्रेड से गुलाब जामुन नहीं बनाए, तो एक बार दीदी की रसोई वाली रेसिपी ट्राई कर लेना. मुझे यकीन है, तुम्हारे घर में भी आज मिठाई की खुशबू फैल जाएगी. ये बनाने में भी आसान हैं और स्वाद के मामले में बाजार जैसे टेस्टी हैं.
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