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इस समय स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है. बैंकिंग, पेमेंट्स, सरकारी सुविधा और कई जरूरी डॉक्यूमेंट्स अब मोबाइल पर ही मौजूद हैं. ऐसे में बहुत से वाहन मालिक अपने ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को डिजीलॉकर या mParivahan ऐप में सेव रखते हैं. लेकिन कई लोगों के मन में सवाल होता है कि क्या ट्रैफिक पुलिस मोबाइल में दिखाए गए इन डॉक्यूमेंट्स को मानती है?
भारत सरकार ने डिजिटल डॉक्यूमेंट्स को कानूनी मान्यता दी हुई है. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और मोटर वाहन नियमों के तहत डिजीलॉकर और mParivahan ऐप में मौजूद ड्राइविंग लाइसेंस और RC को ऑरिजीनल डॉक्यूमेंट्स के बराबर माना जाता है. इसका मतलब यह है कि ट्रैफिक पुलिस आपको चेकिंग के दौरान रोकती है, तो आप अपने स्मार्टफोन में मौजूद डिजिटल दस्तावेज दिखा सकते हैं.
अगर आपने अपने ड्राइविंग लाइसेंस या RC का स्क्रीनशॉट लेकर फोन की गैलरी में सेव कर रखा है, तो वह माना नहीं जाएगा. इसी तरह दस्तावेज की फोटो या पीडीएफ कॉपी भी कई मामलों में स्वीकार नहीं की जाएगी. दस्तावेज सीधे डिजीलॉकर या mParivahan ऐप से लाइव दिखाना जरूरी होता है. इसलिए आपके फोन में ऐप इंस्टॉल और एक्टिव होना चाहिए.
अगर आपकी गाड़ी का इंश्योरेंस अपडेटेड है और उसकी जानकारी VAHAN डेटाबेस में दर्ज है, तो कई मामलों में उसकी फिजिकल कॉपी साथ रखने जरूरी नहीं. ऐप या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मौजूद जानकारी मानी जाती है. लेकिन लंबे सफर पर निकलते समय जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी जरूर जांच लें ताकि किसी तरह की दिक्कत न हो.
डिजिटल दस्तावेजों का इस्तेमाल करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. हमेशा डिजीलॉकर या mParivahan ऐप से ही दस्तावेज दिखाएं. स्क्रीनशॉट या फोटो पर भरोसा न करें. साथ ही समय-समय पर यह जांच करते रहें कि आपका ड्राइविंग लाइसेंस, RC और इंश्योरेंस वैलिड है या नहीं. इसके अलावा फोन की बैटरी इतनी होनी चाहिए कि आप ऐप खोल सकें और इंटरनेट या ऐप एक्सेस भी होना चाहिए.