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धनतेरस और दिवाली के मौके पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग चांदी के सिक्के खरीदते हैं. कुछ लोग इन्हें पूजा के लिए लेते हैं, तो कुछ भविष्य में अच्छे दाम मिलने की उम्मीद से निवेश करते हैं. लेकिन बाजार में असली चांदी के नाम पर नकली सिक्के भी बेचे जा सकते हैं.
कई बार दुकानदार चांदी में तांबा, निकेल, एल्युमिनियम और जिंक जैसी दूसरी धातुएं मिला देते हैं. इससे सिक्के में चांदी की मात्रा कम हो जाती है. ऐसे में चांदी खरीदने से पहले उसकी शुद्धता जांचना जरूरी है. आप घर पर ही कुछ आसान तरीकों से असली और नकली चांदी का शुरुआती अंदाजा लगा सकते हैं.
बर्फ से करें चांदी की पहचान
असली चांदी की पहचान करने का एक आसान तरीका बर्फ का टेस्ट है. चांदी गर्मी को बहुत तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाती है. इसके लिए चांदी के सिक्के के ऊपर बर्फ का एक छोटा टुकड़ा रखें. अगर सिक्के में चांदी की मात्रा अच्छी है, तो बर्फ सामान्य से जल्दी पिघलने लगेगी. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि चांदी तेजी से गर्मी को बर्फ तक पहुंचाती है.
चुंबक से पता करें असली है या नकली
चांदी खरीदने से पहले चुंबक की मदद भी ले सकते हैं. इसके लिए एक मजबूत चुंबक को सिक्के के पास लेकर जाएं. असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती है. अगर सिक्का चुंबक की तरफ तेजी से खिंचता है, तो उसमें लोहा या निकेल जैसी धातु मिली हो सकती है. हालांकि, चुंबक से न चिपकने का मतलब यह नहीं है कि सिक्का पूरी तरह शुद्ध चांदी का ही है.
सिक्के की आवाज से पहचानें प्योरिटी
चांदी के सिक्के की आवाज से भी उसकी पहचान करने में मदद मिल सकती है. इसके लिए सिक्के को उंगली पर रखें और किसी दूसरी धातु से हल्के से थपथपाएं. असली चांदी का सिक्का आमतौर पर साफ और थोड़ी देर तक गूंजने वाली आवाज निकालता है. वहीं, कुछ दूसरी धातुओं से बने सिक्कों की आवाज धीमी और भारी हो सकती है.
हॉलमार्क और शुद्धता का निशान जरूर देखें
चांदी खरीदते समय हॉलमार्क जरूर चेक करें. इससे आपको चांदी की शुद्धता के बारे में जानकारी मिलती है. जैसे 925 सिल्वर में 92.5 प्रतिशत चांदी होती है, जबकि 999 सिल्वर में 99.9 प्रतिशत चांदी होती है. खरीदारी से पहले सिक्के पर शुद्धता का निशान देखें. दुकानदार से बिल और शुद्धता का प्रमाण पत्र भी जरूर मांगें.