spices
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भारतीय रसोई में मसालों का बहुत खास महत्व होता है. हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और गरम मसाला जैसे मसाले लगभग हर घर में इस्तेमाल किए जाते हैं. लेकिन अक्सर लोग इन्हें खरीदने के बाद महीनों या कई बार सालों तक संभालकर रखते हैं. ऐसे में एक सवाल उठता है कि क्या मसालों की भी एक्सपायरी होती है? तो हम आपको बता दें कि, इसका जवाब हां है. हालांकि मसाले दूध या ब्रेड की तरह तुरंत खराब नहीं होते, लेकिन समय के साथ उनका स्वाद, खुशबू और गुणवत्ता कम हो जाती है. कुछ परिस्थितियों में ये स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक भी बन सकते हैं.
कैसे खराब होते हैं मसाले?
मसालों में प्राकृतिक तेल मौजूद होते हैं जो उन्हें खास खुशबू और स्वाद देते हैं. समय बीतने के साथ ये तेल धीरे-धीरे टूटने लगते हैं. अगर मसाले नमी, गर्मी, धूप या हवा के संपर्क में ज्यादा रहें तो उनकी गुणवत्ता तेजी से घट सकती है. अधिक नमी वाले वातावरण में उनमें फफूंदी और बैक्टीरिया भी पनप सकते हैं.
इन संकेतों को नजरअंदाज न करें
मसालों की खुशबू बहुत हल्की या पूरी तरह खत्म हो जाना.
रंग का फीका पड़ जाना या असामान्य रूप से गहरा हो जाना.
मसालों का चिपचिपा होना या गांठें बन जाना.
खट्टी या सीलन जैसी अजीब गंध आना.
फफूंदी, सफेद धब्बे, कीड़े या जाले दिखाई देना.
यदि इनमें से कोई भी संकेत दिखाई दे तो मसालों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
मसाले कितने समय तक सुरक्षित रहते हैं?
पिसे हुए मसाले लगभग 6 महीने से 1 साल तक और साबुत मसाले. 1 से 3 साल या उससे अधिक समय तक सुरक्षित रहते हैं.
मसालों को सुरक्षित रखने के आसान तरीके
मसालों को हमेशा एयरटाइट डिब्बों में रखें. उन्हें ठंडी और सूखी जगह पर स्टोर करें. गैस चूल्हे या सीधी धूप के पास न रखें. मसालों के डिब्बों में कभी भी गीला चम्मच न डालें. साथ ही खरीदने या खोलने की तारीख लिखकर रखना भी फायदेमंद होता है.
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