Dal Cooking Tips
Dal Cooking Tips
क्या आप भी दाल बनाते वक्त कुकर की सीटी से निकलते पानी और झाग से परेशान हो जाते हैं? हर बार गैस बंद करके कुकर साफ करना पड़ता है और किचन का प्लेटफॉर्म भी गंदा हो जाता है. खासकर अरहर, मूंग और चने की दाल पकाते समय यह परेशानी ज्यादा होती है. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो दाल बनाने से पहले कुछ छोटी-सी ट्रिक्स अपनाकर इस झंझट को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
दाल को पहले भिगोकर रखें
दाल को पकाने से पहले 2 से 3 घंटे पानी में भिगोना सबसे आसान तरीका है. भिगोने से दाल के दाने पानी सोखकर नरम हो जाते हैं. इससे उन्हें पकने में कम समय लगता है और लंबे समय तक तेज उबाल की जरूरत नहीं पड़ती. खासकर चना दाल, राजमा और छोले जैसी चीजों को पहले भिगोने से खाना जल्दी और समान रूप से पकता है. दाल भिगोने के बाद उसे साफ पानी से धोकर कुकर में डालें.
दाल को अच्छी तरह धोएं
कई बार दाल की सतह पर मौजूद स्टार्च और बारीक कण पकाते समय ज्यादा झाग बनाते हैं. इसलिए दाल को 2-3 बार पानी से अच्छी तरह धोना भी मददगार हो सकता है. धोने के बाद कुकर में दाल, पानी, हल्दी और जरूरत के अनुसार नमक डालें. पानी की मात्रा दाल के प्रकार के हिसाब से रखें और कुकर को जरूरत से ज्यादा न भरें.
कुकर को ओवरफिल न करें
कुकर से दाल का पानी निकलने की एक बड़ी वजह जरूरत से ज्यादा दाल या पानी भर देना भी हो सकती है. दाल पकते समय फूलती है और झाग बनाती है. अगर कुकर पहले से ही ज्यादा भरा है तो झाग के ऊपर आने और सीटी से बाहर निकलने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए कुकर में उसकी सुरक्षित अधिकतम क्षमता से ज्यादा सामग्री न भरें. खासकर दाल, चावल, राजमा और छोले जैसी चीजों में अतिरिक्त जगह छोड़ना जरूरी है.
झाग ज्यादा बने तो पहले निकाल दें
दाल को कुकर में डालने से पहले एक बर्तन में उबालकर ऊपर आया झाग हटाया जा सकता है. इससे बाद में कुकर में झाग बनने की समस्या कम हो सकती है. एक और आसान तरीका है कि दाल को कुकर में डालने के बाद शुरुआत में तेज आंच पर रखने के बजाय मध्यम आंच का इस्तेमाल करें. बहुत तेज उबाल से झाग ज्यादा बन सकता है और पानी ऊपर आने लगता है.
थोड़े तेल से भी कम हो सकता है झाग
दाल में बहुत थोड़ी मात्रा में तेल डालना भी झाग कम करने में मदद कर सकता है. लेकिन तेल को कुकर की सीटी, भाप निकलने वाले छेद, ढक्कन या गैसकेट पर बिल्कुल न लगाएं. कुकर के वेंट या सीटी में तेल, आटा या कोई दूसरी चीज लगाने से भाप निकलने का रास्ता प्रभावित हो सकता है. इसी तरह सीटी के ऊपर कोई भारी वस्तु रखकर दबाव रोकने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए.
ये भी पढ़ें