scorecardresearch

तेज आंधी में गिरा सालों पुराना पीपल, शहरवासियों ने मिलकर शुरू की मुहिम और पेड़ को दिया पुनर्जीवन

झारखंड के हजारीबाग में पिछले दिनों तेज आंधी से गिरे एक पीपल के पेड़ को प्रकृति प्रेमियों ने अपने प्रयासों से पुनर्जीवित किया है. 

Advertisement
Revival Of Peepal Tree Revival Of Peepal Tree
हाइलाइट्स
  • तेज आंधी में गिरा सालों पुराना पीपल का पेड़

  • शहरवासियों ने दिया पुनर्जीवन

झारखंड के हजारीबाग में पिछले दिनों तेज आंधी में एक पीपल का बड़ा पेड़ गिर गया था. शहर के व्यस्ततम चौराहे पर इस छायादार पेड़ के गिर जाने से शहर के प्रकृति प्रेमी बहुत दुखी थे. लेकिन उन्होंने हाथ पर हाथ रखने की बजाय अपने प्रयास से इस पेड़ को पुनर्जीवित किया है. 

स्थानीय लोगों का कहना है कि चौराहे के आसपास बहुत साल पहले जंगल विभाग और लोगों ने इन पेड़ों को लगाया था जो अब वृक्ष बन चुके हैं. उन्हीं में से एक है यह पीपल के पेड, जिसका धराशाई हो जाना इन प्रकृति प्रेमियों को बहुत खल रहा था. आखिरकार इसी चौराहे पर एक मार्केट कंपलेक्स के मालिक भैया अभिमन्यु प्रसाद ने शहर के अन्य प्रकृति प्रेमियों के साथ मिलकर इस पेड़ को पुनर्जीवन देने का बीड़ा उठा लिया.

पेड़ को दिया जीवनदान 

सबसे पहले इसकी बड़ी टहनियों को काटा गया और फिर एक जेसीबी के सहारे इसकी जड़ के पास गड्ढा खोदा गया. उस गड्ढे को केमिकल से ट्रीट किया गया ताकि जड़ों को फफूंद और अन्य बीमारियों से बचाया जा सके. फिर एक हाइड्रा मशीन की सहायता से इसे ऊपर खींच कर खड़ा कर दिया गया.
 
कुछ दिन पहले एक बरगद के पेड़ को भी कुछ इसी अंदाज में बचाया गया था. अब शहर की इस टीम ने ऐसे किसी भी पेड़ को पुनर्जीवन देने का संकल्प लिया है. जंगल विभाग से सेवानिवृत्त कई प्रकृति प्रेमी भी इस मुहिम में शामिल थे. उन्होंने कहा अगर यह पूरी प्रक्रिया सफल रहती है ताकि आंधी में गिरे पुराने पेड़ों को पुनः संरक्षित किया जा सकता है.
 
हजार बागों के शहर हजारीबाग में प्रकृति प्रेमियों की यह पहल इस शहर के नाम को चरितार्थ कर रही है.

(बिस्मय अलंकार की रिपोर्ट)