real vs fake milk
real vs fake milk
How to identify fake milk: आज के समय मिलावटी दूध काफी बड़ी समस्या बन गई है. वैसे तो दूध में कई सालों से पाउडर या फिर पानी मिलाना आम बात है, लेकिन हाल ही के दिनों में मिलावट के नाम पर खतरनाक केमिकल के उपयोग के भी कई मामले सामने आए हैं. ऐसे में मिलावटी दूध को लंबे समय तक सेवन करना सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है. लेकिन हम आपको बता दें कि, आप घर पर ही कुछ खास उपाय से असली-नकली दूध की पहचान कर सकते हैं. तो चलिए आपको बताते हैं इन उपायों के बारे में.
मिलावटी दूध सेहत के लिए है खतरनाक नुकसान
मिलावटी दूध से पेट खराब, उल्टी, दस्त, सिरदर्द, किडनी और लिवर से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा रहता है. मिलावटी दूध अक्सर शुद्ध दूध की तरह ही सफेद और ताजा दिखता है, लेकिन इसमें मिलावट पानी, डिटर्जेंट, स्टार्च, यूरिया या कृत्रिम ठोस पदार्थ हो सकते हैं जो इसकी घटिया गुणवत्ता को छिपाते हैं और इसकी मात्रा बढ़ाते हैं. ऐसे दूध का नियमित सेवन पाचन क्रिया को नुकसान पहुंचा सकता है, अंगों पर दबाव डाल सकता है और पोषण मूल्य को कम कर सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए.
असली-नकली दूध की पहचान कैसे करें..
आयोडीन टेस्ट
सबसे पहले दूध के सैंपल में कुछ बूंदें आयोडीन की डालें. अगर आयोडीन डालने के बाद दूध काला पड़ जाए तो समझें इसमें स्टार्च मिलाया गया है. असली दूध में आयोडीन डालने पर इसमें कोई बदलाव नहीं होता है.
दूध में पानी की मिलावट
दूध में पानी की मिलावट काफी आम है. हालांकि, आप घर आने वाले दूध में पानी की मिलावट की भी आसानी से पता लगा सकते हैं. इसके लिए एक बूंद दूध को किसी सपाट सतह पर गिराए. अब अगर बूंद फैले बिना जमा रहे तो दूध शुद्ध है और इसमें कोई भी मिलावट नहीं हुई है. अगर दूध तुरंत फैल जाए तो उसमें पानी मिलाया गया है.
यूरिया टेस्ट: दूध और पानी को बराबर मात्रा में मिलाएं, फिर उसमें लाल लिटमस पेपर डालें. अगर यह नीला हो जाता है, तो उसमें यूरिया मिला हो सकता है.
डिटर्जेंट टेस्ट: एक बोतल में बराबर मात्रा में दूध और पानी मिलाएं और हिलाएं. शुद्ध दूध से बहुत कम झाग बनता है जो जल्दी बैठ जाता है. लगातार गाढ़ा झाग डिटर्जेंट या सिंथेटिक एडिटिव्स की मौजूदगी का संकेत देता है.
उबालकर करे टेस्ट: थोड़े से दूध को उबालें और ठंडा होने दें. शुद्ध दूध में आमतौर पर मलाई की एक पतली परत बन जाती है. वहीं, नकली दूध को जब उबाला जाता है, तो कई बार यह फट जाता है. कुछ मामलों में यह गाढ़ा होकर चिपचिपा भी हो जाता है.