Gardening Tips (Photo/ChatGPT AI)
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मटर का सब्जी ज्यादातर लोगों को अच्छी लगती है. इसके साथ ही यूपी और बिहार में मटर की घुगनी बनाई जाती है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि जब मटर की घुगनी खाने का मन करता है तो मार्केट में मटर मिलती ही नहीं है और मूड खराब हो जाता है. अगर आप मटर की सब्जी खाने के शौकीन है तो इसे घर की बालकनी में गमले में उगाएं और जब चाहे, जो चाहें बनाकर खाएं. चलिए आपको बताते हैं कि गमले में मटर को उगाने के लिए क्या-क्या करना होता है?
गमला और मिट्टी कैसी होनी चाहिए?
मटर को बालकनी में 2-3 गमले में उगा सकते हैं. इसे उगाने के लिए सबसे पहले एक बड़ा साइज का गमला लेते हैं. इसकी गहराई कम से कम 10-12 इंच होनी चाहिए. गमले में छेद होना चाहिए, ताकि गैर-जरूरी पानी बाहर निकल सके. गमले की मिट्टी तैयार करने के लिए बगीचे की मिट्टी इस्तेमाल कर सकते हैं. गमले में 50 फीसदी बगीचे की मिट्टी लीजिए और उसमें 30 फीसदी गोबर की खाद मिला लीजिए. इसके बाद इसमें 20 फीसदी रेत मिलाइए. अब आपकी मिट्टी तैयार है और इसका इस्तेमाल गमले में कर सकते हैं.
कैसे लगाना चाहिए बीज?
जब एक बार मिट्टी तैयार हो जाए तो उसमें मटर के बीज लगाने की चिंता करनी चाहिए. मटर के बीज सर्टिफाइड नर्सरी या बीज भंडार से ले सकते हैं. बीज को लगाने से उसे 4-5 घंटे के लिए पानी में भिगो देना चाहिए. इससे बीज में अंकुरण जल्दी होता है. बीज को गमले में 1-2 इंच की गहराई में रोपना चाहिए. बीजों के बीच की दूरी 3 से 4 इंच की होनी चाहिए. इसके बाद इसमें हल्का पानी देना चाहिए.
पानी और धूप कितनी होनी चाहिए?
मटर के पौधे की बेल काफी लचीली होती है. इसको ज्यादा ऊंचाई तक जाने के लिए सहारे की जरूरत होती है. इसलिए गमले के किनारे बांस की डंडिया या जालीदार रस्सी लगा सकते हैं. मटर के पौधे को रोजाना 5-6 घंटे धूप पर्याप्त है. गमले को बालकनी या छत पर रख सकते हैं. एक बात का ध्यान रखें कि गमले में पानी भरना नहीं है. सिर्फ उतना ही पानी डालना है, जिससे गमले में नमी बनी रहे. जब मिट्टी की ऊपरी लेयर सूख जाए, तब दोबारा पानी डालना चाहिए.
कितने दिनों तैयार हो जाएगा मटर का पौधा-
मटर के पौधे में 15 से 20 दिन में खाद देना चाहिए. मटर का पौधा आमतौर पर 50 से 90 दिनों के भीतर तैयार हो जाता है. इसमें मटर लगने लगता है. इसके बाद मटर की तुड़ाई करनी चाहिए और उसका इस्तेमाल करना चाहिए.
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