Chandan Pandey
Chandan Pandey
उत्तर प्रदेश के गोंडा में किसान धर्मेंद्र पांडेय की मौत हो गई. परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा. घर आर्थिक संकट में फंस गया. लेकिन योगी सरकार की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना से इस परिवार को बड़ी मदद मिली. फैमिली को इस योजना के तहत 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद मिली. जिसकी वजह से परिवार उजड़ने से बच गया. अब धर्मेंद्र पांडेय का परिवार सीएम योगी को धन्यवाद करते नहीं थक रहा है. परिवार का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना नहीं होती तो आज परिवार कर्ज में डूब गया होता और बर्बाद हो गया होता.
सड़क हादसे में हुई थी किसान की मौत-
गोंडा सदर तहसील क्षेत्र अंतर्गत विमौर गांव के रहने वाले 52 साल धर्मेंद्र पाण्डेय गांव में ही सड़क पर पान की दुकान चलाकर अपने परिवार की आजीविका चलाते थे. धर्मेंद्र पांडेय करीब डेढ़ बीघा खेत के मालिक थे. धर्मेंद्र ने दो बेटियों की शादी कर्ज लेकर की थी. उनपर कर्ज का बोझ था. इस बीच पिछले साल धर्मेंद्र की सड़क हादसे में मौत हो गई. धर्मेंद्र के जाने के बाद उनका परिवार अकेला हो गया. कर्ज का बोझ भी था. ऐसे में परिवार को कुछ भी नहीं सूझ रहा था.
परिवार में दो बेटियां और एक बेटा-
धर्मेंद्र पांडेय के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा हैं. धर्मेंद्र ने कर्ज लेकर दोनों बेटियों की शादी कर दी थी. धर्मेंद्र के बेटे चंदन पांडेय का कहना है कि पापा ने दोनों बहनों की शादी कर्ज लेकर की थी. जिसकी वजह से परिवार पर कर्ज का बोझ था. जब पिता की मौत हुई तो परिवार टूट गया. हमारे सामने कुछ भी नहीं दिख रहा था. इंटर पास चंदन ने मेडिकल स्टोर पर काम करना शुरू किया. जिसमें मां-बेटे का गुजारा होने लगा.
योगी सरकार की योजना से मिली मदद-
धर्मेंद्र पांडेय के पास डेढ़ बीघा जमीन थी. लेकिन परिवार पर कर्ज था, जिसे चुका पाने में परिवार नाकाम साबित हो रहा था. चंदन बताते हैं कि तभी गांव के लेखपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के बारे में बताया और ऑनलाइन आवेदन करवाया. जिसके बाद जुलाई 2026 में मां-बेटे के खातों में ढाई-ढाई लाख रुपए आ गए. इन पैसों से बेटे ने कर्ज उतारा.
चंदन ने योगी सरकार का आभार व्यक्त किया-
अब धर्मेंद्र पांडेय के बेटे चंदन पांडेय योगी सरकार की तारीफ कर रहे हैं. चंदन पांडेय बताते हैं कि अगर यह मदद नहीं मिलती तो हमारा परिवार और कर्ज में डूब जाता और हम सब बहुत पीछे हो जाते. लेकिन हम अब संकट से काफी हद तक उबर चुके है. अपने थोड़े से खेत में काम कर रहे चंदन और उनकी मां सीता पांडेय मुख्यमंत्री को धन्यवाद देकर आभार व्यक्त कर रहे है.
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