scorecardresearch

नवजात बच्ची के लिए यशोदा मां बनी एसएचओ की पत्नी! झाड़ी में फेंक गई थी मां...ज्योति ने पिलाया अपना दूध, बचाई जान

एक स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) की पत्नी ने ग्रेटर नोएडा में अपने माता-पिता द्वारा ठंड में छोड़े गए एक शिशु को स्तनपान कराया और उसकी जान बचाई. बच्ची 20 दिसंबर को नॉलेज पार्क इलाके में झाड़ियों के अंदर एक कपड़े में लिपटी मिली थी और ठंड के कारण उसकी हालत बहुत गंभीर थी.

Advertisement
एसएसओ और उनकी पत्नी एसएसओ और उनकी पत्नी

पुलिस को लेकर आपके मन मस्तिष्क में बहुत सारी तस्वीरें होंगी लेकिन आज हम आपको एक पुलिस वाले की ऐसी तस्वीर दिखाने जा रहे हैं जिसे देखकर आपके चेहरे पर भी एक प्यारी सी मुस्कान बिखर जाएगी.

20 दिसंबर को मिली थी बच्ची
दरअसल ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में 20 दिसंबर को एक नवजात बच्ची मिली. बच्ची एक कपड़े में लिपटी हुई थी. ठंड की वजह से बच्ची की हालत बेहद खराब हो गई थी. पुलिस वाले बच्ची को थाने लेकर आ गए. बच्ची लगातार रो रही थी. पुलिस को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि करना क्या है? सभी को ये पता था कि बच्ची को ठंड लग चुकी है और वह भूख से भी रो रही है. लेकिन बच्ची बिल्कुल नवजात थी मतलब उसे कुछ भी बाहर का खिला पिला नहीं सकते थे. ऐसे में बच्ची को सिर्फ मां का दूध ही पिलाया जा सकता था, लेकिन बच्ची को कोई झाड़ियों में छोड़ गया था जिसकी मां या परिवार के बारे में अभी तक पुलिस को कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.

लग गई थी बुरी तरह ठंड
तभी ये बात थाने के एसएचओ विनोद सिंह की पत्नी ज्योति सिंह को पता चली. एसएचओ विनोद सिंह ने पत्नी से बच्चे को दूध पिलाने के लिए कहा जिस पर उनकी पत्नी ज्योति तुरंत तैयार हो गईं और खुशी-खुशी बच्ची को दूध पिलाया. ज्योति बताती हैं कि बच्ची को बहुत बुरी तरह ठंड लग चुकी थी इसलिए बच्ची को गर्माहट देने के लिए मैंने बहुत देर तक उसे खुद से चिपका कर रखा और सहलाती रही. ज्योति सिंह की इन कोशिशों से बच्ची को थोड़ा आराम मिला और बच्ची थोड़ा ठीक भी हो गई. कुछ देर बाद बच्ची को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया जहां फिलहाल उसकी हालत ठीक बताई जा रही है.

इस साल अगस्त में ही एसएचओ विनोद सिंह और उनकी पत्नी ज्योति माता-पिता बने हैं. उनका साढ़े 3 महीने का बेटा है. ज्योति बताती हैं कि उन्हें बच्चों से बहुत ज्यादा लगाव है. शादी से पहले वो एक टीचर थीं इसलिए भी बच्चों के लिए वो कुछ ज्यादा ही संवेदनशील रहती हैं. ज्योति बताती हैं कि जब उनको इस नवजात बच्ची के बारे में पता चला तो उन्हें बहुत गुस्सा भी आया. ज्योति ने अपने बेटे के कपड़े भी बच्ची को पहनाएं.

गोद लेने आगे आ रहे लोग
एसएचओ विनोद सिंह बताते हैं कि बच्ची की मां और परिवार को ढूढ़ने की लगातार कोशिश की जा रही है. आसपास के अस्पतालों में भी पूछताछ की गई है जब तक बच्ची के माता-पिता नहीं मिल जाते तब तक उसका पूरा ख्याल रखा जाएगा. हालांकि बच्ची को गोद लेने के लिए कई लोग आगे भी आए हैं लेकिन गोद लेने की अपनी एक अलग प्रक्रिया है. फिलहाल बच्ची का इलाज ग्रेटर नोएडा के जिम्स अस्पताल में चल रहा है. एसएचओ विनोद सिंह और उनकी पत्नी की तारीफ पुलिस डिपार्टमेंट से लेकर समाज तक के लोग कर रहे हैं.