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छात्राओं के पीने के पानी में पेशाब मिलाने के मामले पर प्रिंसिपल बोले- मुंह का स्वाद बिगड़ गया तो चॉकलेट खा लो

मध्य प्रदेश के गुना में घटावदा शासकीय स्कूल में एक छठी के छात्र ने छात्राओं की वाटर बॉटल में पेशाब भर दिया. जब छात्राओं ने प्रिंसिपल से इसकी शिकायत की तो उन्होंने कहा कि मुंह का स्वाद खराब हो गया है तो चॉकलेट खा लो. हालंकि परिजनों के हंगामे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

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मध्य प्रदेश के गुना में एक स्कूल में एक बेहद ही गंदी हरकत का मामला सामने आया है. एक छात्र ने छात्राओं की वाटर बॉटल में पेशाब भर दिया. जब छात्राओं ने इसकी शिकायत प्रिंसिपल से की तो उनका जवाब गैर-जिम्मेदारी भरा रहा. प्रिंसिपल ने छात्राओं से कहा कि मुंह का स्वाद बिगड़ गया है तो चॉकलेट खा लो.

छात्रा के वाटर बॉटल में भरा पेशाब-
6वीं क्लास के छात्रा ने छात्राओं को सबक सिखाने के लिए उसकी वाटर बॉटल में पेशाब भर दिया. जब एक छात्रा ने पानी पीने के लिए Water Bottle का ढक्कन खोला तो उसे अजीब से बदबू आई. छात्रा ने बॉटल का पानी जमीन पर डाला तो पीले रंग के पदार्थ जैसा दिखाई दिया. छात्रा को परेशान होता देखकर बदमाश छात्र दूर खड़ा हँसता रहा. 

प्रिंसिपल ने बच्चियों की दी अजीब सलाह-
छात्रा को शक हुआ तो उसने स्कूल के प्रिंसिपल से इस बात की शिकायत कर दी. प्रिसिंपल ने Water Bottle चेक की तो उसमें से पेशाब की बदबू आ रही थी. प्रिंसिपल पूरा माजरा समझ गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रिंसिपल साहब ने बच्चियों को अजीबोगरीब सलाह देते हुए कहा कि मुँह का स्वाद खराब हो गया है तो चॉकलेट खा लो ठीक हो जाएगा.

परिजनों का स्कूल में हंगामा-
प्रिंसिपल साहब की बात सुनकर बच्चियां हैरान रह गई. छुट्टी होने के बाद बच्चियों ने घर जाकर ये बात अपने परिजनों को बताई, जिसके बाद परिजनों ने स्कूल पहुंचकर हंगामा कर दिया. परिजनों ने घटावदा मिडिल स्कूल पहुंचकर स्टाफ से सवाल जवाब किए और आरोपी छात्र को स्कूल से रेस्टीकेट करने की माँग की.

SDM ने मामले को संभाला-
सूचना मिलने के बाद SDM मंजूषा खत्री के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम भी घटावदा शासकीय स्कूल पहुंच गई. जांच में पाया गया कि 6वीं क्लास के बच्चे ने पांच बच्चियों की Bottle में पेशाब भर दी थी. जिसके बाद छात्र और उसके परिजनों को बुलाकर काउंसिलिंग की गई.

प्रिंसिपल का स्कूल में होने से इनकार-
इस मामले में सबसे हैरान करने वाली भूमिका प्रिंसिपल मूलचन्द कौशिक की रही. प्रिंसिपल साहब से जब पूछा गया कि उनके द्वारा क्या एक्शन लिया गया तो उन्होंने स्कूल में होने से ही इंकार कर दिया. प्रिंसिपल ने कहा कि ये घटना उनके सामने नहीं हुई. उस दिन वे ऑडिट कराने के लिए आरोन से गुना आए हुए थे. जबकि छात्राओं का कहना है कि सबसे पहले उन्होंने प्रिंसिपल से ही मामले की शिकायत की थी. बदले में मुंह का स्वाद ठीक करने के लिए उन्होंने चॉकलेट खाने की सलाह दे दी थी.

कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित कर दी. कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि ये बेहद शर्मनाक बात है, ऐसा नहीं होना था. जांच रिपोर्ट मांगी है, उसके बाद एक्शन लेंगे.

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