lambo
lambo
हैदराबाद में एक जिम के बाहर खड़ी लैम्बॉर्गिनी को एक सफाईकर्मी रोज दूर से देखता था. महंगी कार को निहारना और उसके साथ तस्वीर लेना ही उसके लिए बड़ी बात थी. लेकिन एक दिन कार के मालिक ने कुछ ऐसा कर दिया, जिसकी शायद उसने कल्पना भी नहीं की थी. उन्होंने सफाईकर्मी को अपनी कार की चाबी थमाई और उसे ड्राइविंग सीट पर बैठने को कहा. कार में बैठते ही वो खुशी से झूम उठा.
यह कहानी है हैदराबाद के कारोबारी कुरापति नागा वेंकट राकेश कुमार की. उन्होंने इस मुलाकात का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. वीडियो को अब तक 2.76 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है. लोग कारोबारी की इस पहल की तारीफ कर रहे हैं.
रोज कार को देखता था जिम क्लीनर
राकेश कुमार ने बताया कि जब भी वह सुबह अपनी लैम्बॉर्गिनी लेकर जिम पहुंचते, उनकी नजर सफाई करने वाले कर्मचारी पर पड़ती थी. वह कर्मचारी फर्श साफ करने वाली मशीन से अपना काम करता था, लेकिन कार आते ही उसे देखने लगता था. जिस दिन का वीडियो है, उस दिन भी कर्मचारी कार को देख रहा था. उसने अपने फोन से कार के साथ तस्वीर लेने की कोशिश की.
इस बार राकेश बिना कुछ कहे आगे नहीं बढ़े. वह कर्मचारी के पास गए और उससे पूछा कि क्या उसे कार पसंद है. दोनों ने एक-दूसरे का हालचाल पूछा. राकेश ने उसकी सफाई करने वाली मशीन में भी दिलचस्पी दिखाई और उससे मशीन चलाकर दिखाने को कहा. इसके बाद उन्होंने कर्मचारी को अपनी लैम्बॉर्गिनी की ड्राइविंग सीट पर बैठने का मौका दिया.
कार की चाबी हाथ में आते ही चेहरे पर दिखी खुशी
राकेश ने बताया कि जब कर्मचारी ड्राइविंग सीट पर बैठा, तो उसके चेहरे पर पहले हैरानी और फिर खुशी साफ दिखाई दे रही थी.
उन्होंने लिखा, 'मैंने उसे अपनी कार की चाबी दी. जिस पल वह ड्राइविंग सीट पर बैठा, मैंने उसके चेहरे पर कुछ ऐसा देखा, जिसे कभी नहीं भूल पाऊंगा. पहले उसे यकीन नहीं हुआ और फिर उसके चेहरे पर खुशी आ गई.'
कभी 800 रुपए कमाते थे राकेश
राकेश ने बताया कि कारोबारी बनने से पहले वह सेल्समैन के तौर पर काम करते थे. उस समय उनकी कमाई सिर्फ 800 रुपए थी. वह भी सुपरकार के मालिकों को देखकर आकर्षित होते थे और उनसे मिलने की कोशिश करते थे. हालांकि, उनके मुताबिक, उस समय कई लोग उनकी ओर पलटकर भी नहीं देखते थे. उन्हीं अनुभवों ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि अगर वह कभी सफल हुए, तो दूसरों के सपनों को छोटा नहीं समझेंगे.
राकेश ने लिखा, 'मैंने खुद से वादा किया था कि अगर कभी इस मुकाम पर पहुंचा, तो उन लोगों जैसा नहीं बनूंगा.'
सोशल मीडिया पर लोग बोले- यही असली अमीरी है
वीडियो सामने आने के बाद लोग राकेश के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं. कई यूजर्स का कहना है कि किसी की खुशी की वजह बनने के लिए बहुत पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं होती.
एक यूजर ने लिखा, 'इतना विनम्र होने में कुछ भी खर्च नहीं होता.' वहीं, दूसरे ने कहा कि इंसान को अमीर उसकी दौलत नहीं, बल्कि उसकी विनम्रता और दूसरों के प्रति दयालुता बनाती है.
ये भी पढ़ें: