A 100 year old grandmother birthday
A 100 year old grandmother birthday
हरियाणा में हिसार के आदमपुर के दडौली गांव में सौ साल की दादी मीरा देवी का बर्थडे सेलिब्रेशन बड़े धूमधाम मनाया किया गया. दादी के 100वें जन्मदिन पर परिवार के सभी सदस्य एकत्रित हुए और दादी के स्वस्थ रहने की कामना की. उनके छह बेटे और तीन बेटियां हैं. मीरा देवी के जन्मदिन एक हजार लोगों को दावत पर बुलाया गया. जिस तरह से शादी का उत्सव मनाया जाता है. उसी तरह बड़े धूमधाम से बर्थडे मनाया गया. मीरा देवी शांत, सरल, संयमित स्वभाव की है. मीरा देवी ने हमेशा से सादा खाना खाया है. दूध, लस्सी, दही, सिंपल रोटी, दाल, हरी सब्जियों का सेवन किया.
मीरा देवी का भरा-पूरा परिवार-
मीरा देवी सिरसा के ढूमडा गांव का रहने वाली हैं. उनका जन्म साल 1926 में हुआ था. उनका विवाह बिहारी लाल शर्मा के साथ हुआ था. जिनका निधन हो चुका है. मीरा देवी ने 6 बेटों और6 बेटियों को जन्म दिया है. परिवार में 16 पोते-पोतियां और 5 पड़पोते हैं. सबसे बडे बेटे सज्जन कुमार (77) वर्ष, राजेद्र (71) वर्ष, महेंद्र (61) शंकर लाल (60) प्रदीप कुमार 56() संदीप (53) हैं. बहन सुमित्रा देवी का देहांत हो चुका है. ओम देवी (56) वर्ष कृष्णा देवी (55) वर्ष आयु हैं. तीनों बहनें राजस्थान के जोनाइता कला में मैरिड हैं. सज्जन राजेंद्र खेती का काम करते हैं और शंकर लाल सेवानिवृत अध्यापक हैं. महेंद्र लेक्चरर के पद हैं.
आजाद हिंदी फौज में थे पति-
पति पहले अंग्रेजी सेना में थे, बाद में आजाद हिंद फौज में रहे मीरा देवी के पति स्व. बिहारी लाल शर्मा आजादी से पहले अंग्रेजों की सेना में कुक थे. वह बरतानिया में ड्यूटी करते थे. परिजन बताते हैं कि बाद में वह ब्रिटिश सेना छोड़कर आजाद हिंद फौज में शामिल हो गए. मीरा देवी के पति बिहारी लाल शर्मा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ आजाद हिंद फौज में रहते हुए आजादी की लड़ाई लड़ी. देश की आजादी के बाद बिना पेंशन ही घर लौट आए थे. इसके बाद वह गांव में ही रहे. साल 1998 में उनका निधन हो गया था.
भोज में 1000 लोगों को दिया गया निमंत्रण-
मीरा देवी के बेटे रिटायर्ड टीचर शंकर लाल ने बताया कि उनकी माता का 100वां जन्मदिन बडे धूमधाम से मनाया गया. सभी परिवार के लोगों ने मिलकर सोचा कि उनकी माता के 100वां जन्मदिन पर पूरा परिवार इकट्ठा हो. इसके लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया और एक हजार लोगों को निमंत्रण दिया गया.
खाने के साथ गाजर का हलवा, दूध जलेबी, गुलाब जामुन ,लड्डू बनाए गए. सब लोगों ने मिठाई खाकर जन्मदिन बडे धूमधाम से मनाया. इस मौके पर सरपंच मनोज कुमार, पूर्व सरपंच राजबीर हुड्डा, पूर्व चेयरमैन सतबीर मौजूद थे. उनके बेटे रिटायर्ड अध्यापक शंकर लाल ने बताया कि उनकी माता का सरल स्वभाव रहा है. हमेशा से मिलनसार स्वभाव की रहती है और हमेशा से परिवार को जोड़कर रखती है. उन्होंने अपने जीवन में हमेशा से सादा खाना खाया. बाहर का तला हुआ खाना नहीं खाया. दूध, लस्सी, दही, सिंपल रोटी, दाल, हरी सब्जियों का सेवन किया है.
खाटू श्याम की भक्त हैं मीरा देवी-
मीरा देवी हनुमान, खाटू श्याम की भक्ति करती है. हनुमान जी और खाटू श्याम की भक्ति करती हैं और धार्मिक विचारों की महिला है. घरेलू कार्यों में हमेशा से खेती व पशुपालन का कार्य करती हैं. तभी आज उनका स्वास्थ्य अच्छा है. अब ज्यादा आयु होने पर उनके दांत गिर गए. किसी भी गंभीर रोगी का शिकार नहीं हुई. हमेशा स्वस्थ रही हैं. कभी-कभी खांसी जुकाम हो जाता था. वरना हमेशा तंदुरुस्त रही है.
पूरी तरह स्वस्थ हैं मां- सज्जन कुमार
गांव दड़ौली की ढाणी वासी मीरा देवी इस वर्ष 100 साल की हो गईं. मीरा देवी के सबसे बड़े बेटे सज्जन कुमार 77 साल के हैं. वह बताते हैं कि उनकी मां मीरा देवी 100 साल की उम्र में भी पूरी तरह स्वस्थ हैं. सुनाई भी ठीक देता है। एक आंख पहले से ही खराब थी, लेकिन दूसरी आंख से सही दिखता है. कभी-कभार सिर्फ बीपी बढ़ता है. उसकी गोली ले लेती हैं. बाकी दिनचर्या अच्छे से बिताती हैं. सज्जन कुमार बताते हैं कि उनकी माताजी हमेशा शांत, सरल व संयमित स्वभाव की रही हैं. यही उनके लंबे जीवन और सेहत का राज है. वह केवल घर का बना खाना खाती हैं. दिन में दो बार सब्जी, दाल व चपाती लेती हैं.
(प्रवीण कुमार की रिपोर्ट)
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