Gardening Tips (Photo/ChatGPT AI)
Gardening Tips (Photo/ChatGPT AI)
हर किचन में लगभग रोजाना जीरे का इस्तेमाल होता है. दाल हो या सब्जी, जीरे का तड़का खाने का स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ा देता है. मार्केट से जीरा खरीदने के समय एक डर हमेशा बना रहता है कि कहीं ये नकली तो नहीं है? इस डर से छुटकारा के लिए आप घर जीरा अपनी बालकनी में उगा सकते हैं. इसके लिए ज्यादा जगह की भी जरूरत नहीं होती है. चलिए इसे किचन गार्डन में उगाने का पूरा प्रोसेस बताते हैं.
कैसे तैयार करें बीज?
घर की बालकनी में जीरा उगाने के लिए सबसे पहले अच्छी क्वालिटी के बीज चुनना चाहिए. इसके लिए साबुत, मोटे और बिना टूटे जीरे का इस्तेमाल कर सकते हैं. सबसे पहले जीरे को रातभर के लिए हल्के गुनगुने पानी में भिगोकर रख दें. सुबह के समय जीरे को पानी से निकाल लें. इसके बाद इसे सूती कपड़े पर फैला दें.
गमले में कैसे लगाए बीज?
गमले में मिट्टी की ऊपरी सतह पर बीजों को थोड़ी दूरी बनाकर छिड़कें. बीजों को बहुत गहराई में दबाने की जरूरत नहीं है. इसके बाद ऊपर से मिट्टी छिड़क दें. बीज मिट्टी में दबाने के बाद गमले में पानी का छिड़काव करना चाहिए. ये ध्यान रहे कि छिड़काव करना बेहतर होता है, पानी डालने से बीज खराब हो सकता है. 8-10 दिनों में बीज अंकुरित होने लगते हैं.
जीरा उगाने के लिए कैसा चाहिए गमला?
जीरे के पौधे के लिए ऐसा गमला चुनें, जिसमें पानी की निकासी के लिए पर्याप्त छेद हो. करीब 10 से 12 इंच चौड़ा गमला इसके लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. गमले में 50 फीसदी दोमट मिट्टी, 30 फीसदी गोबर की खाद और 20 फीसदी रेत मिलाना चाहिए. जीरे की जड़ें ज्यादा पानी में रहने पर खराब हो सकती हैं, इसलिए भारी और चिकनी मिट्टी से बचना चाहिए.
पौधे को कितने धूप की जरूरत?
जीरे के पौधे को अच्छी ग्रोथ के लिए रोजाना करीब 5 से 6 घंटे धूप की जरूरत होती है. इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त धूप मिले. पानी तभी दें, जब मिट्टी की ऊपरी सतह सूखी दिखाई दे. जरूरत से ज्यादा पानी देने से पौधे में फंगस की समस्या हो सकती है.
कीटों से कैसे बचाएं?
जीरे के पौधे को कीटों से बपचाने के लिए एक खास स्प्रे का इस्तेमाल किया जा सकता है. पौधों पर नीम तेल का हल्का स्प्रे करना चाहिए. इससे कीटों से बचाव होता है.
2 महीने में आने लगते हैं फूल-
करीब दो महीने के आसपास जीरे के पौधे में छोटे सफेद या हल्के गुलाबी फूल दिखाई देने लगते हैं. कुछ समय बाद यही फूल सूखकर जीरे के दानों में बदल जाते हैं. जब पौधे का रंग हरे से भूरा होने लगे और दाने अच्छी तरह सूख जाएं, तब कटाई करें. पौधे को नीचे से काटकर कुछ समय धूप में सुखाएं. इसके बाद पौधे को हल्के हाथों से मसलने पर जीरे के दाने अलग हो जाएंगे.
ये भी पढ़ें: