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Partner vs Phone: आपकी बात सुनने की जगह पार्टनर लगा हुआ फोन में.. पहचान लें इन संकेतों से, आप जरूरी हैं या फिर मोबाइल

आजकल के रिश्तों में होता है कि लोग पार्टनर के ज्यादा फोन को जरूरी समझते हैं. ऐसा करने से रिश्ते कमजोर होते हैं. साथ ही एक-दूसरे की अहमियत भी कम होने लगती है.

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आजकल मोबाइल हर किसी की जिंदगी का हिस्सा बन गया है. लेकिन अगर आपका पार्टनर हर समय फोन में ही लगा रहता है, तो इससे रिश्ते में दूरियां आ सकती हैं. कई बार पति-पत्नी या कपल एक साथ बैठे होते हैं, लेकिन दोनों की नजर सिर्फ मोबाइल पर होती है. ऐसे में कैसे पहचानें कि पार्टनर के लिए क्या ज्यादा जरूरी है?

बात करते समय भी जरूरी है फोन?

अगर आपका पार्टनर आपसे बात करते-करते बार-बार मोबाइल देखने लगे, मैसेज पढ़ने लगे या सोशल मीडिया चलाने लगे, तो यह अच्छा नहीं है. इससे आपको लग सकता है कि आपकी बातों की कोई अहमियत नहीं है.

खाली समय में भी फोन है जरूरी?

जब भी आपके पार्टनर को फुर्सत मिलती है, क्या वह आपके साथ बैठता है या सीधे मोबाइल उठा लेता है? अगर हर बार फोन ही पहली पसंद बन जाए, तो रिश्ता धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है.

बैठें हैं साथ फिर भी अलग

आजकल कई लोग एक ही कमरे में बैठकर भी एक-दूसरे से बात नहीं करते. दोनों अपने-अपने फोन में लगे रहते हैं. ऐसा होने पर रिश्ते में प्यार और अपनापन कम होने लगता है.

प्यार के छोटे-छोटे पल है जरूरी

हर बार प्यार दिखाने के लिए बड़े गिफ्ट या लंबे मैसेज की जरूरत नहीं होती. एक हग, हाथ पकड़ना, साथ बैठकर चाय पीना या कुछ मिनट बातें करना भी रिश्ते को मजबूत बनाता है.

सिर्फ पासवर्ड नहीं, समय भी जरूरी है

कई लोग सोचते हैं कि फोन का पासवर्ड बता देना ही भरोसा है. लेकिन असली भरोसा तब बनता है, जब आपका पार्टनर आपको अपना समय देता है. साथ बैठना, हंसना, बातें करना और एक-दूसरे को ध्यान से सुनना किसी भी रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत है.

अगर आपको लगता है कि मोबाइल आपके रिश्ते के बीच आ रहा है, तो रोज कुछ समय ऐसा रखें जब दोनों बिना फोन के साथ बैठें. साथ में खाना खाएं, टहलें या दिनभर की बातें करें. याद रखें, फोन बाद में भी चलाया जा सकता है, लेकिन अपने लोगों के साथ बिताया समय वापस नहीं आता.