scorecardresearch

How to grow Dhaniya: मानसून में ऐसे उगाएं ताजा हरा धनिया, नहीं पड़ेगी मार्केट से खरीदने की जरूरत, मिलेगी केमिकल फ्री हार्वेस्टिंग

मानसून के दौरान (जून से सितंबर तक) धनिया उगाना फायदेमंद होता है क्योंकि इस मौसम में प्राकृतिक रूप से नमी और हल्की ठंडक रहती है, जो धनिया के विकास के लिए जरूरी मानी जाती है. धनिया को 18-25 डिग्री सेल्सियस तापमान और थोड़ी छाया पसंद होती है.

Advertisement
Dhaniya Dhaniya
हाइलाइट्स
  • घर की बालकनी में उगाएं धनिया

  • जानें पानी, खाद और देखभाल का सही तरीका

अगर आप होम गार्डनिंग के शौकीन हैं तो इस मानसून अपने घर पर धनिया उगा सकते हैं क्योंकि इसके लिए न तो बहुत बड़ी जगह चाहिए और न ही ज्यादा मेहनत. बस थोड़ी सी मिट्टी और थोड़ी देखभाल, और बस कुछ ही दिनों में आपकी बालकनी या छत पर लहलहाता हरा-भरा धनिया तैयार हो जाएगा. 

मानसून के दौरान (जून से सितंबर तक) धनिया उगाना फायदेमंद होता है क्योंकि इस मौसम में प्राकृतिक रूप से नमी और हल्की ठंडक रहती है, जो धनिया के विकास के लिए जरूरी मानी जाती है. धनिया को 18-25 डिग्री सेल्सियस तापमान और थोड़ी छाया पसंद होती है. अधिक गर्मी या सीधी धूप से इसके पत्ते पीले पड़ सकते हैं और जल्दी फूल बन सकते हैं, जिससे पत्तियों की पैदावार कम हो सकती है. इसलिए, मानसून में इसे उगाना बेहतर होता है, जहां बारिश का पानी सीधे न पड़े, लेकिन हल्की नमी बनी रहे.

सम्बंधित ख़बरें

चलिए आपको बताते हैं धनिया उगाने का बेस्ट तरीका

1. मानसून में धनिया उगाने के फायदे
इस मौसम में मिट्टी में पर्याप्त नमी रहती है, जो बीजों को जल्दी अंकुरित करती है.

मानसून की हल्की धूप और कभी-कभी बादल छाए रहना धनिया के लिए परफेक्ट माहौल बनाता है.

बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि बारिश का पानी पड़ता रहता है.

Dhaniya

2. बीज का चयन और तैयारी
धनिया उगाने के लिए अच्छी क्वालिटी के बीज लें. बाजार में कई किस्में मिलती हैं, लेकिन मानसून में देसी किस्में ज्यादा बेहतर रहती हैं क्योंकि वे मौसम के अनुसार खुद को ढाल लेती हैं.

बीज को दो टुकड़े में किए बिना मत बोएं
धनिया का बीज असल में दो भागों में बंटा होता है. बोने से पहले बीज को हल्का-सा मसलकर या बेलन से दबाकर दो हिस्सों में तोड़ना चाहिए. इससे अंकुरण जल्दी होता हैं.

बीज लगाने से एक रात पहले भिगो दें
बीजों को 6-8 घंटे तक पानी में भिगोकर रखने से भी अंकुरण अच्छा होता है. इससे बीज की ऊपरी परत नरम होती है और पौधा जल्दी निकलता है.

3. मिट्टी और गमले का चयन
धनिया किसी भी ढीली, जलनिकासी वाली और उपजाऊ मिट्टी में अच्छे से उगता है. अगर आप गमले में उगा रहे हैं, तो गमले की गहराई कम से कम 8–10 इंच होनी चाहिए. धनिया उगाने के लिए कुछ हिस्सा बागवानी मिट्टी, थोड़ा हिस्सा गोबर की खाद और थोड़ी रेत मिला लें.

बीजों को ज्यादा गहराई में ना दबाएं. केवल 1-1.5 सेमी मिट्टी की परत से ढकें. पानी हल्के हाथों से छिड़कें, ताकि बीज अपनी जगह से न हटें.

Dhaniya

4. पानी देना
मानसून में बारिश के कारण ज्यादा पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती लेकिन अगर कुछ दिन बारिश न हो, तो मिट्टी की ऊपरी परत अगर सूखी दिखे तो पानी डाल दें.

5. धनिया के लिए बेस्ट खाद
हर 10–12 दिन में एक बार गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट डालें. घर में बना छाछ स्प्रे या कम्पोस्ट टी भी असरदार होता है. नीम का तेल (Neem Oil) हफ्ते में एक बार स्प्रे करें. यह जैविक कीटनाशक है और पत्तियों को नुकसान से बचाता है.

6. कटाई और हार्वेस्टिंग
धनिया आमतौर पर 20–25 दिन में पहली कटाई के लायक हो जाता है. धनिया के पत्तों को जड़ से नहीं, बल्कि ऊपर से 2–3 इंच काटें ताकि वह दोबारा बढ़ सके. आप एक ही पौधे से 2–3 बार पत्तियां ले सकते हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपके पास पूरे मानसून सीजन में ताजा धनिया मिलता रहे, तो हर 10 दिन के अंतराल पर नए बीज बोते रहें. इससे पहले बैच की कटाई होने तक नया बैच तैयार होता रहेगा.