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Grow Potatoes in Grow Bag: अगर इस तरह ग्रो बैग में उगाएंगे आलू तो खाएंगे सालभर, नहीं खरीदना होगा बाजार से, स्वाद में खाद वाले से होगा बेहतर

आलू भारतीय रसोई का सबसे बहुमुखी और पसंद किए जाने वाली सब्जी है. यदि आपके पास जमीन या बड़ा बगीचा नहीं है, तब भी आप अपने घर की बालकनी या छत पर ग्रो बैग (Grow Bag) की मदद से बेहद स्वादिष्ट और केमिकल-फ्री आलू उगा सकते हैं.

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How To Grow Potato How To Grow Potato

आलू ऐसी सब्जी है जो शायद ही किसी घर की रसोई से दूर रहती हो. इसकी सब्जी हो, पराठे हों या कोई स्नैक, इसका इस्तेमाल हर तरह से होता है. अगर आपके पास बगीचा नहीं है तो भी परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप ग्रो बैग में आलू आसानी से उगा सकते हैं. अच्छी मिट्टी, धूप, पानी और थोड़ी सी देखभाल के साथ घर पर ही ग्रो बैग में आलू की फसल तैयार की जा सकती है, जो सालभर चलेगी और स्वाद में भी बेहतरीन होगी.

सबसे पहले सही ग्रो बैग चुनें
आलू के लिए बहुत छोटा ग्रो बैग न लें. करीब 10 से 15 गैलन क्षमता वाला बैग इस्तेमाल करें और उसमें पानी निकलने की अच्छी व्यवस्था बना दें. ग्रो बैग का फायदा यह भी है कि इसे बालकनी, छत या ऐसी जगह रखा जा सकता है जहां पर्याप्त धूप आती हो. बड़ा बैग लेंगे तो ज्यादा आलू उगा सकते हैं.

मिट्टी ऐसी रखें कि पानी न रुके
आलू के लिए मिट्टी हल्की और अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए. मिट्टी में अच्छी क्वालिटी की कम्पोस्ट मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. ग्रो बैग को शुरुआत में पूरा मिट्टी से न भरें. नीचे कुछ इंच मिट्टी और कम्पोस्ट का मिश्रण रखें, फिर उसमें बीज वाले आलू लगाएं.

बाजार वाले आलू की जगह बीज वाले आलू लें
आलू उगाने के लिए सीड पोटैटो यानी बीज वाले आलू लेना बेहतर होगा. अगर आलू बड़ा है तो उसे ऐसे टुकड़ों में काट सकते हैं जिनमें कम से कम एक आंख हो और कटे हुए टुकड़ों को लगाने से पहले कुछ समय सूखने दें. आलू को मिट्टी में लगाकर ऊपर से मिट्टी की एक परत डाल दें. इसके बाद ग्रो बैग को ऐसी जगह रखें जहां पौधे को अच्छी धूप मिल सके.

पौधा बढ़े तो मिट्टी डालते रहें
आलू उगाने का सबसे जरूरी तरीका यही है. जब पौधा ऊपर की तरफ बढ़ने लगे तो उसके तने के आसपास धीरे-धीरे और मिट्टी डालते जाएं. हर बार पूरा पौधा मिट्टी के अंदर न दबाएं. ऊपर पत्तियों वाला हिस्सा खुला रहने दें और पौधे की बढ़त के साथ मिट्टी की परत बढ़ाते रहें. इस तरीके से मिट्टी के अंदर ज्यादा जगह पर आलू बनने का मौका मिलता है.

पानी कितना देना है?
मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन पानी जमा न होने दें. जब ऊपर की मिट्टी सूखी लगे, तभी पानी दें. ग्रो बैग में जल निकासी अच्छी होने के कारण अतिरिक्त पानी नीचे से निकल सकता है, फिर भी जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना जरूरी है.

खाद डालते रहें, लेकिन जरूरत के हिसाब से
पौधे की अच्छी बढ़त के लिए समय-समय पर खाद दी जा सकती है. कम्पोस्ट के साथ संतुलित खाद का इस्तेमाल किया जा सकता है, ताकि पौधे को जरूरी पोषण मिलता रहे.

आलू कब निकालें?
जब पौधे की पत्तियां पीली पड़ने लगें और ऊपर का हिस्सा धीरे-धीरे सूखने लगे, तब आलू निकालने का समय माना जाता है. ग्रो बैग में सबसे मजेदार हिस्सा यही होता है कि बैग की मिट्टी हटाते ही नीचे तैयार आलू दिखाई देने लगते हैं. घर पर उगाए आलू का अलग ही मजा है. हालांकि एक ग्रो बैग से मिलने वाली मात्रा जमीन में उगाई गई फसल जितनी हो, यह जरूरी नहीं है, लेकिन कम जगह में घर की जरूरत के लिए आलू उगाने का यह आसान तरीका जरूर है.
 

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