How to Identify Real and Fake Sweets at this Diwali
How to Identify Real and Fake Sweets at this Diwali
How to Identify Fake and Pure Sweets on Diwali Festival: दिवाली खुशियों का त्योहार है. इस साल दिवाली 8 नवंबर को मनाई जा रही है. दिवाली के दिन लोग एक-दूसरे को उपहार देते हैं और तरह-तरह की मिठाइयां खिलाते हैं. मां लक्ष्मी और गणेश जी को लड्डू-पेड़ा और बर्फी का भोग भी लगता है. हमारे देश में शायद ही कोई ऐसा घर हो, जहां दिवाली पर मिठाई खरीदकर न आता है. इसके चलते दिवाली पर बाजार में मिठाइयों की मांग बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. ऐसे में कुछ दुकानदार मिलावटी मिठाइयां बेचने लगते हैं. ये मिठाइयां सेहत के लिए काफी नुकसानदायक होती है. आज हम आपको असली और नकली मिठाई की पहचान करने के कुछ तरीके बता रहे हैं. आप इन्हें आजमाकर एकदम शुद्ध मिठाई खरीद सकते हैं. आपको मालूम हो कि कई बार मिठाई ऊपर से देखने में अच्छी लगती है, लेकिन उसमें इस्तेमाल हुआ खोया, चांदी का वर्क या दूसरी चीजें अच्छी क्वालिटी की नहीं होती हैं.
मिठाइयों में कैसे होती है मिलावट
आपको मालूम हो कि मिठाई बनाते समय दूध, मावा, चांदी के वर्क, चीनी या तेल और घी में मिलावट की जाती है. कुछ मिठाई बनाने वाले अधिक मुनाफा कमाने के लिए चांदी के वर्क में एल्युमीनियम मिक्स कर देते हैं. नकली मावा, नकली केमिकल वाले कलर, सिंथेटिक डेयरी प्रोडक्ट और पाम ऑयल जैसी चीजें मिलाई जाती हैं. मिठाई बनाने वाले दूध में यूरिया, कलर और वांशिग पाउडर तक मिला देते हैं. मावा में अरारोट और मैदा मिक्स कर देते हैं. इतनी ही नहीं घी में चर्बी भी मिला देते हैं. यदि आप इन मिलावट से बनी मिठाइयों को खाएंगे तो आप बीमार पड़ सकते हैं.
कैसे करें मिलावटी मिठाइयों की पहचान
1. किसी भी मिठाई को खरीदते समय सबसे पहले उसकी खुशबू और कलर को देखना चाहिए. यदि किसी मिठाई का रंग बहुत ज्यादा अलग या अजीब लग रहा है तो उसको न खरीदें क्योंकि इसमें सिंथेटिक कलर का इस्तेमाल हो सकता है. यदि मिठाई से अजीब या खराब गंध आ रही है, तो उसे भूलकर भी न खरीदें. आप मिठाई को सूंघकर और थोड़ा खाकर असली और नकली मिठाई की पहचान कर सकते हैं.
2. यदि आप चांदी के वर्क वाली मिठाई खरीदने जा रहे हैं तो आपको विशेष सतर्क रहना होगा. आपको मालूम हो कि काजू कतली, बर्फी और कई दूसरी मिठाइयों पर चांदी का वर्क लगा होता है, लेकिन दुकानदार अधिक मुनाफा कमाने के लिए कभी-कभी असली चांदी की जगह एल्युमिनियम की पतली शीट भी इस्तेमाल करते हैं. आपको मालूम हो कि असली चांदी का वर्क उंगलियों से रगड़ने पर टूटता नहीं है और उसमें किसी तरह की गंध नहीं होती. नकली वर्क एल्यूमिनियम फॉयल से बना होता है, जो आसानी से फट जाता है और उसमें धातु जैसी गंध आती है.
3. आप असली और नकली मिठाई टेस्ट गर्म पानी में डालकर भी कर सकते हैं. यदि ऐसा करने पर मिठाई का रंग निकल रहा है या फिर झाग निकलता है तो समझ जाएं कि ये मिठाई नकली है.
4. यदि आप जानना चाह रहे हैं कि दूध की मिठाई असली है या नकली तो आप इसकी भी पहचान कर सकते हैं. आपको मालूम हो कि यदि मिठाई दूध या खोया से बनी है तो उसका टेक्सचर मुलायम और स्वाद में हल्की मिठास होगी. नकली मिठाई में पाउडर मिल्क या सिंथेटिक घी का इस्तेमाल होता है जिससे मिठाई दानेदार या रबड़ जैसी लगती है.
5. खोया और दूध से बनी मिठाई यदि बहुत अधिक ड्राई या अजीब तरह से चिपचिपी लगे तो सावधान रहें. मिठाई से खट्टी या खराब गंध आए तो उसे कभी न खरीदें.
6. आप यह भी जान सकते हैं कि जिस घी से मिठाई बनी है वह कितना असली है. शुद्ध घी में हल्की सी खुशबू और स्वाद में मिठास होती है. नकली घी में तेज या केमिकल जैसी गंध आती है और खाने के बाद गले में जलन महसूस हो सकती है.
7. आप खोया या उससे बनी मिठाइयों में स्टार्च की मिलावट की जांच घर पर भी कर सकते हैं. बस इसके लिए आपको आयोडीन सॉल्यूशन का इस्तेमाल करना होगा. आप थोड़ी सी मिठाई के मिश्रण को लेकर पानी में उबालें. इसके बाद मिश्रण ठंडा होने के बाद उसमें आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डालें।. ऐसा करने पर यदि मिश्रण नीला या बैंगनी हो जाता है तो समझ जाएं कि उसमें स्टार्च है.
8. पैक्ड मिठाई खरीद रहे हैं तो उस पर लगे Mfg और एक्सपायरी डेट जरूर देखें. पैकेट पर सामान बनाने में इस्तेमाल हुई चीजों की जानकारी देखें. पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर देखें. हमेशा साफ-सुथरी और भरोसेमंद दुकान से मिठाई लें. आपको मालूम हो कि मिठाई को हाथ से दबाने पर यदि चिपचिपाहट या तेल जैसा निकलता है तो वह नकली हो सकती है.