Real or Fake Khoya
Real or Fake Khoya
होली का त्योहार आ गया है. ये पर्व रंगों के साथ खानपान के लिए जाना जाता है. इस मौके पर मार्केट में मिठाइयां खूब बिकती हैं या घरों में मिठाइयां बनाई जाती हैं. मिठाइयों में खोया या मावा का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन आजकल बाजार में मिलने वाले खोया में मिलावट की समस्या बढ़ती जा रही है, जो सेहत के लिए बेहद हानिकारक हो सकती है. इसलिए असली खोया की पहचान काफी जरूरी है. चलिए नकली और असली खोया की पहचान का तरीका बताते हैं.
खोया में मिलावट कैसे होती है?
खोया में मिलावट करने के लिए कई तरीके अपनाए जाते हैं. नकली खोया तैयार करने के लिए सिंथेटिक दूध, आलू, मैदा और सिंघाड़े के आटे का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा दूध के पाउडर में वेजिटेबल घी मिलाकर भी नकली खोया बनाया जाता है. इन चीजों में फार्मलीन जैसे हानिकारक रसायन भी मिलाए जाते हैं, जो सेहत के लिए खतरनाक होते हैं.
आयोडीन टेस्ट से पहचान-
खोया की शुद्धता जांचने के लिए आयोडीन टेस्ट एक सरल तरीका है. एक चम्मच खोया लें और उसमें गर्म पानी मिलाएं. इसके बाद इसमें आयोडीन डालें. अगर खोया का रंग नीला हो जाता है, तो उसमें मिलावट की गई है. अगर रंग नहीं बदलता, तो खोया असली है.
सल्फ्यूरिक एसिड टेस्ट-
सल्फ्यूरिक एसिड का इस्तेमाल करके भी खोया की शुद्धता जांची जा सकती है. एक बीकर में थोड़ा सा खोया लें और उसमें सांद्र सल्फ्यूरिक एसिड मिलाएं. अगर खोया का रंग बैंगनी हो जाता है, तो यह मिलावटी है.
हथेली पर रगड़कर पहचान-
खोया की शुद्धता जांचने का एक और आसान तरीका है इसे हथेली पर रगड़ना. असली खोया तेल का निशान छोड़ता है और हल्का दानेदार होता है. वहीं, मिलावटी खोया ऐसा नहीं करता.
गर्म करने से पहचान-
खोया को गर्म करके भी उसकी शुद्धता जांची जा सकती है. थोड़ा सा खोया लें और उसमें चीनी मिलाएं. इसे गर्म करें. अगर मिश्रण पानी छोड़ने लगे, तो उसमें मिलावट की गई है.
मिलावटी खोया का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है. इसमें मौजूद रसायन पेट की समस्याओं, एलर्जी और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं. इसलिए, खोया खरीदने से पहले उसकी शुद्धता की जांच करना जरूरी है.
ये भी पढ़ें: