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Fake Vs. Real Ghee: बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा है नकली घी, इन 5 तरीकों से करें असली और नकली में फर्क

घी भारतीय रसोई का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सेहत से लेकर धार्मिक अनुष्ठान हर जगह इस्तेमाल होता है. लेकिन आज कल बाजार में नकली घी भी धड़ल्ले से बिक रहा है, जिसकी पहचान आप इस तरह कर सकते हैं.

 असली VS. नकली घी असली VS. नकली घी

बाजार में न जाने कितनी अबैध कंपनियां नकली घी का कारोबार कर रही हैं. घी स्वाद और सेहत दोनों के लिहाज से हमारे लिए जरूरी है, लेकिन क्या होगा जब आपके शरीर को नकली घी मिलेगा. इससे पैसे तो बरबाद होते ही हैं, साथ ही हेल्थ पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है. 

एक चम्मच घी में ओमेगा-3, विटामिन ए, विटामिन डी, विटामिन ई, विटामिन k2, सीएलए, ब्यूट्रेट, और कई तरह के फैटी एसिड पाए जाते हैं. सबसे जरूरी बात कि घी में पाया जाने वाला ब्यूट्रिक एसिड एसिडिटी को शांत करता है और भूख को बढ़ाने में मदद करता है. साथ ही इससे हड्डियां भी मजबूत होती हैं. 30 के उम्र के बाद लगभग हर इंसान को एक चम्मच घी अपने रोज के खाने में जरूर शामिल करना चाहिए. 
 

कैसे करें असली और नकली में फर्क 
आज हम आपको आसान और घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं, जिससे आप असली और नकली घी में फर्क कर सकते हैं. 

1. सुगंध देगा असली घी की गवाही 
जब आप असली घी को गर्म करेंगे तो इसकी खुशबू तुरंत पूरे घर में फैल जाती है. अगर आप नकली घी को गर्म करेंगे तो इसकी खुशबू थोड़ी अजीब दुर्गंध जैसी होती है, जिससे पहचान करना आसान हो जाता है.  

2. अगर घी में है दाने तो न खरीदें 
असली घी गर्म करते ही तुरंत पिघल जाता है, जबकि नकली घी पिघलने में वक्त लेता है. यहां तक कि नकली घी में दाने होते हैं, जो गर्म करते वक्त भी नहीं पिघलते. इस तरीके से आप तुरंत असली और नकली में फर्क कर सकते हैं. 

3. हथेली पर रख कर पता करें
असली घी बॉडी टेंप्रेचर पर भी पिघल जाता है और खुशबू बिखेर देता है. इसके लिए थोड़ा सा घी हथेली पर लें और उसे मसल कर देखें. वहीं नकली घी देर से पिघलता है, या फिर हाथों पर चिपचिपा लगता है. 

4. रंग से करें पहचान 
असली घी का रंग पीला या सुनहरा होता है, जो दूध की गुणवत्ता पर निर्भर करता है. बहुत ज्यादा दानेदार या एकदम सफेद रंग मिलावट की ओर इशारा कर सकता है. 

5. फ्रिज में रख कर टेस्ट करें
घी को फ्रिज में रख दें. असली घी आमतौर पर एक सा जमता है. वहीं अगर अलग-अलग परतें दिखें, तो मिलावट की संभावना बढ़ जाती है. 
 

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