How To Check Naturally Ripe Mango (Source: Gemini)
How To Check Naturally Ripe Mango (Source: Gemini)
गर्मियों का मौसम आते ही बाजारों में आम की बहार छा जाती है. फलों का राजा कहलाने वाला आम हर उम्र के लोगों का पसंदीदा फल है. मई से जुलाई के बीच इसकी अलग-अलग किस्में बाजार में देखने को मिलती हैं, जिनका रंग, स्वाद और बनावट एक-दूसरे से अलग होता है. आम स्वाद के साथ-साथ न्यूट्रिशन से भी भरपूर होता है, लेकिन इसे खरीदते समय सावधानी बरतनी बेहद जरूरी है, क्योंकि आजकल कई आम नेचुरल तरीके की जगह केमिकल की मदद से पकाए जाते हैं.
बाजार में बिकने वाले कुछ आमों को जल्दी पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है. इससे निकलने वाली गैस शरीर को काफी नुकसान पहुंचाती है. ऐसे आमों को खाने से लिवर, किडनी और आंतों पर काफी गंभीर प्रभाव पड़ता है. लंबे समय तक इसका सेवन करने से कैंसर जैसी बीमारी भी हो सकती है. ऐसे में सवाल उठता है कि इनकी पहचान किस तरह की जाए.
खुशबू और रंग से करें पहचान
नेचुरल रूप रूप से पके आमों की पहचान उनकी मिठास से आसानी से की जा सकती है. ये आम की ताजगी का एहसास दूर से ही किया जा सकता है. वहीं केमिकल से पके आमों में ऐसी कोई मीठी महक नहीं होती और उनका रंग जरूरत से ज्यादा चमकीला पीला होता है. देखने में जो आम ज्यादा अट्रैक्टिव लगते हैं वह अंदर से उतने अच्छे नहीं होते हैं.
अंदर और बाहर का फर्क समझें
नेचुरल आम का रंग हल्का हरा और पीला होता है और वह अंदर से पूरी तरह पका होता है. जबकि इसके उलट, केमिकल से पकाए गए आम बाहर से पीले लेकिन अंदर से कच्चे रह सकते हैं. इसलिए आम काटकर उसकी बनावट और रंग को देखना भी जरूरी होता है.
वॉटर टेस्ट से करें पहचान
आम की क्वालिटी पहचानने का एक आसान तरीका वॉटर टेस्ट है. यदि आम पानी में डालते ही डूब जाए, तो समझिए कि वह नेचुरल रूप से पका है. वहीं, केमिकल से पके आम हल्के होते हैं और पानी में तैरने लगते हैं.
केमिकल से पके आम खाने से पेट दर्द, दस्त, उल्टी, गले में जलन और मुंह में छाले जैसी परेशानियां हो सकती हैं. कुछ लोगों को चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ या नींद की समस्या भी हो सकती है. इसलिए हमेशा ताजे तरीके से पके आम ही चुनें, ताकि स्वाद के साथ सेहत भी बनी रहे.