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Bhature: दिल्ली-पंजाब की तरह फूले-फूले भटूरे बनाने हैं... तो इन दो तरहों से गूंथे आटा... छोले के साथ खाने पर मजा आ जाएगा

Method of Making Bhature: यदि आप घर में भटूरा बना रहे हैं और वह फूला-फूला नहीं बन रहा है तो परेशान न हों. आइए जानते हैं बड़े-बड़े शेफ किस तरह से भटूरे बनाते हैं कि वे गुब्बारे की तरह फूले-फूले बनते हैं.

Chhole-Bhature Chhole-Bhature

Bhature Banane ki Vidhi: छोले और भटूरे का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. इसको खाने के लिए मन मचलने लगता है. दिल्ली और पंजाब के लोग सालों से खूब छोला-भटूरा खाते हैं. यहां के छोले-भटूरे पूरे देश में मशहूर हैं. अब यह व्यंजन उत्तर भारत में भी काफी लोकप्रिय हो गया है. बच्चे हों या बूढ़े छोले और भटूरे को बड़े ही चाव से खाते हैं. दिल्ली और पंजाब के बजारों में हम देखते हैं कि ठेले वाले भी एकदम फूले-फूले भटूरे बनाते हैं. इसी भटूरे को कई लोग जब घर में बनाते हैं तो वे फूले-फूले नहीं बनते हैं. यदि आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आइए जानते हैं बड़े-बड़े शेफ किस तरह से भटूरे बनाते हैं कि वे गुब्बारे की तरह फूले-फूले बनते हैं. 

पटक-पटक कर गूंथे आटा 
मशहूर शेफ बताते हैं कि यदि ठीक से आटा गूंथते हैं तो कभी खराब भटूरा नहीं बनेगा. भटूरे के लिए आटा गूंथने में कला है. शेफ रणवीर बरार ने भटूरे का आटा गूंथने के दो तरीके सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं. उन्होंने बताया है कि यदि आप चाहते हैं कि भटूरा गुब्बारे की तरह फूला-फूला बने तो सूजी का सही इस्तेमाल करें और पटक-पटक कर आटा गूंथे. बार-बार पटक-पटक कर आटा गूंथने से आटा में ग्लूटेन विकसित होता है. इससे भटूरा को बेलते समय यह फटता नहीं है और तेल में तलते समय अच्छी तरह से फूलता है. आप भटूरे के लिए जो आटा गूंथे हैं, उसके ऊपर हल्का से तेल लगा दें. ऐसा करने से आटा की ऊपरी परत सूखती नहीं है. इस बात का ध्यान रखें कि तेल सिर्फ आटा के ऊपरी परत पर ही लगाना है, अंदर नहीं. 

अपना सकते हैं खमीर वाला तरीका
आप चाहें तो भटूरे के लिए आटा गूंथने के लिए पारंपरिक खमीर वाला तरीका अपना सकते हैं या दही वाला बिना खमीर का नुस्खा अपना सकते हैं. खमीर वाला तरीका ऐसे लोगों के लिए अच्छा है जिनके पास समय पर्याप्त है. इसमें सबसे पहले पांच ग्राम खमीर को पानी में भिगोना है. इसके बाद इसे मैदे में मिलाना है. आपको मालूम हो कि खमीर वाले आटे को अच्छी तरह से गूंथने के बाद कम से कम एक से डेढ़ घंटे तक छोड़ देना चाहिए. इतने टाइम आटे को खमीर उठाने और जालीदार बनने के लिए जरूरी है. आप चाहें तो खमीर की जगह दही वाला तरीका अपना सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले डेढ़ कप मैदा और थोड़ा सा नमक लें. इसके बाद इसमें दो चम्मच पानी में भिगोई सूजी मिलाएं. फिर आटा गूंथते समय पानी के साथ दही का उपयोग करें. दही न सिर्फ आटे में खटास लाता है, बल्कि खमीर का काम भी करता है. बिना खमीर वाले इस गूंथे आटे को सिर्फ 45 मिनट के लिए छोड़ना होता है. इस तरह से यदि आपको जल्दी भटूरा बनाना है तो दही वाला नुस्खा अपना सकते हैं. 

...तो ऐसे नरम-नरम बनेगा भटूरा 
भटूरे बनाने के लिए सबसे पहले डेढ़ कप मैदा लें. इसके बाद उसमें आधा चम्मच चीनी और स्वादानुसार नमक मिलाएं. चीनी न सिर्फ भटूरों को अच्छा रंग देती है, बल्कि खमीर को एक्टिवेट करने में भी मदद करती है. यदि आप चाहते हैं कि भटूरा एकदम नरम-नरम बनें तो सूखे आटे में थोड़ा सा तेल डाल दें. यदि आप एकदम मुलायम भटूरा खाना चाहते हैं तो सूजी को भटूरा बनाने से एक से दो घंटे पहले पानी में भिगो दें. इसके बाद इस सूजी को आटा में मिलाएं. यदि आप खस्ता भटूरा खाना पसंद करते हैं तो सूजी को बिना भिगोए यानी सूखा ही आटे में मिलाएं. 

क्या है भटूरा तलने का सही तरीका
भटूरा के लिए आटा गूंथने के बाद ऊपर बताए गए समय के अनुसार छोड़ दें. रेस्टिंग टाइम खत्म होने पर आप भटूरे बना सकते हैं. भटूरे को तेल में तलने के लिए ध्यान रखें तेल बहुत ही गर्म होना चाहिए. भटूरे को बेलने के बाद उसे गर्म तेल में डालें और फिर झारे की मदद से उसके ऊपर गर्म तेल उछालें. गर्म तेल का यह झटका भटूरे को एकदम से ऊपर की ओर धकेलता है और भटूरा गुब्बारे की तरह फूल जाता है. अब इस भटूरे के आप छोले के साथ खूब चाव से खा सकते हैं.