कटहल का अचार
कटहल का अचार
कटहल के अचार को अचारों का राजा कहा जाए तो गलत नहीं होगा. कटहल मात्र एक ऐसी सब्जी या फल है जिसको वेजिटेरियन लोगों का नॉन वेज कहा जाता है. इससे बनने वाला अचार साल भर चलता है और खाने में जबरदस्त लगता है. खास कर पूर्वांचल यूपी और बिहार में कटहल का अचार बहुत प्रचलित है.
लोग इसको दाल, चावल और भुजिया या पराठे के साथ खाते हैं. यह साल भर चलने वाली वह अचार की रेसिपी है, जो नानी-दादी बनाया करती थी. इसका स्वाद वक्त के साथ बढ़ता जाता है और मुंह में जाते ही घुल जाता है.
कटहल का अचार बनाने का सामान
कटहल तैयार करने का तरीका
सबसे पहले कटहल और आम को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. कटहल काटते समय हाथों में तेल लगा लें, ताकि चिपचिपाहट न लगे. इसके बाद कटहल के टुकड़ों को उबाल लें या आम के टुकड़ों को धूप में सुखा लें. इससे अचार लंबे समय तक खराब नहीं होता और स्वाद भी अच्छा आता है.
मसाला तैयार करें
एक पैन में सौंफ, मेथी और राई को को थोड़ा सा भून लें. ठंडा होने के बाद इन्हें दरदरा पीस लें. अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च, नमक, हींग, अजवाइन और कलौंजी को मिलाकर मसाला तैयार कर लें. यही मसाला अचार को असली स्वाद देता है.
अचार बनाने का तरीका
अब एक कढ़ाई में सरसों का तेल गर्म करें और उसे ठंडा होने दें. कटहल और आम के टुकड़ों को एक बड़े बर्तन में डालें और उसमें तैयार मसाला अच्छी तरह मिला दें. इसके बाद ठंडा किया हुआ तेल डालें और सब कुछ अच्छे से मिक्स करें. अगर चाहें तो थोड़ा सा सिरका भी डाल सकते हैं, इससे अचार ज्यादा दिनों तक सुरक्षित रहता है.
धूप में रखना जरूरी है
तैयार अचार को साफ और सूखे कांच के जार में भर लें. अब इसे 4 से 5 दिन तक रोज धूप में रखें और दिन में एक बार हिलाते रहें, ताकि मसाला अच्छे से सेट हो जाए. जब अचार तैयार हो जाए, तो इसे दाल-चावल, पराठा या खिचड़ी के साथ परोसें. इसका खट्टा-तीखा स्वाद खाने का मजा दोगुना कर देता है.
इन टिप्स को फॉलो करें
ध्यान रखें कि अचार बनाते समय नमी बिल्कुल न हो, अचार निकालते वक्त हमेशा सूखे चम्मच का ही इस्तेमाल करें और सरसों का तेल अच्छी तरह गर्म करके ठंडा होने पर ही डालें. घर का बना कटहल का अचार न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि इसमें वही देसी खुशबू होती है जो हमें नानी-दादी के बने अचार की याद दिला देती है. एक बार बनाकर रख लेंगे, तो हर खाने के साथ इसका मजा लेना चाहेंगे.
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