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Curry Patta Plant Care: करी पत्ता का पौधा बार-बार सूख जाता है? बस ये खाद और इन 4 बातों का ख्याल रख लें, पौधा बनेगा झाड़ी जैसा हो जाएगा

अगरा आपका भी नर्सरी से लाया गया करी पत्ते का पौधा कुछ समय बाद सूखने लगता है, पत्तियां पीली पड़ जाती हैं तो कुछ आसान गार्डनिंग टिप्स उसकी सेहत पूरी तरह बदल सकते हैं.

Curry Plant Care Curry Plant Care
हाइलाइट्स
  • करी पत्ते को बनाना है जंगल जैसा हरा-भरा

  • पौधे को हरा-भरा बना देगी रसोई की ये फ्री खाद

शायद ही कोई घर होगा जहां करी पत्ता का पौधा न लगा हो. दाल में तड़का लगाना हो, सांभर बनाना हो या किसी डिश का स्वाद बढ़ाना हो, करी पत्ता लगभग हर रसोई का अहम हिस्सा है. यही वजह है कि बहुत से लोग इसे घर में लगाना पसंद करते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर ताजा पत्तियां तुरंत मिल सकें. लेकिन कई लोगों की शिकायत रहती है कि उनका पौधा बढ़ तो रहा है, मगर उसमें नई पत्तियां कम आती हैं, वह घना नहीं होता या फिर पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं.

अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो कुछ आसान गार्डनिंग टिप्स आपके करी पत्ते के पौधे को फिर से हरा-भरा और झाड़ीदार बना सकते हैं.

सबसे पहले सही मिट्टी तैयार करें
करी पत्ते का पौधा ऐसी मिट्टी में अच्छी तरह बढ़ता है, जहां नमी बनी रहे लेकिन पानी जमा न हो. इसके लिए 50% सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30% कोकोपीट और 20% नदी की रेत या बजरी मिलाकर मिश्रण तैयार करें. यह मिश्रण जड़ों तक हवा पहुंचाने में मदद करता है और पानी रुकने नहीं देता. अच्छी ड्रेनेज मिलने पर पौधा तेजी से बढ़ता है.

सिर्फ पत्तियां नहीं, पूरी छोटी टहनी तोड़ें
अक्सर लोग जरूरत पड़ने पर सिर्फ पत्तियां तोड़ लेते हैं. इससे संबंधित शाखा कमजोर होकर सूख सकती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पत्तियां तोड़ने के बजाय पूरी छोटी टहनी काटनी चाहिए. इससे उसी जगह से दो नई शाखाएं निकलती हैं और पौधा पहले से ज्यादा घना बनने लगता है.

छोटे पौधे में फूल और फल न बनने दें
जब करी पत्ते का पौधा छोटा होता है तो उस पर फूल और बाद में बीज आने लगते हैं. ऐसे समय में फूलों और फलों को हटा देना बेहतर माना जाता है. इससे पौधा अपनी ऊर्जा पत्तियों और नई शाखाओं की ग्रोथ में लगाता है. यदि फूल-फल बने रहने दिए जाएं तो पौधे की बढ़वार धीमी पड़ सकती है.

सफेद कीड़ों से ऐसे बचाएं पौधा
गर्मी के मौसम में करी पत्ते पर छोटे सफेद कीड़े लगना आम समस्या है. ये कीड़े पत्तियों का रस चूसकर पौधे को कमजोर कर देते हैं. इनसे बचाव के लिए एक लीटर पानी में एक चम्मच नीम का तेल और कुछ बूंदें लिक्विड सोप मिलाकर स्प्रे तैयार करें. सप्ताह में एक बार इसका छिड़काव करने से कीड़ों पर नियंत्रण पाया जा सकता है.

पौधे को समय-समय पर पोषण भी दें
अच्छी ग्रोथ के लिए पौधे को अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है. इसके लिए NPK फर्टिलाइजर का हल्का इस्तेमाल किया जा सकता है. हर 15 दिन में पानी में घोलकर इसका स्प्रे करने से पौधे को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और नई पत्तियां तेजी से निकलती हैं.

खट्टी छाछ बनेगी फ्री की शानदार खाद
अगर आप ऑर्गेनिक तरीका अपनाना चाहते हैं तो रसोई में बची खट्टी छाछ बहुत काम आ सकती है. 2-3 दिन पुरानी एक गिलास छाछ को 10 गिलास पानी में मिलाएं और इस घोल को पौधे की मिट्टी में डालें. चाहें तो पत्तियों पर हल्का स्प्रे भी कर सकते हैं. छाछ मिट्टी का पीएच संतुलित रखने में मदद करती है और फंगस व कीड़ों की समस्या भी कम कर सकती है.

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