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अगर आपके घर में रोज फल खाए जाते हैं, तो उनके छिलकों को कूड़ेदान में फेंकने की जरूरत नहीं है. केले, सेब, नाशपाती और दूसरे फलों के छिलकों से आप घर पर आसानी से ऑर्गेनिक खाद बना सकते हैं. इसका फायदा यह होगा कि किचन का कचरा कम होगा और आपके पौधों को भी नेचुरल रूप से पोषण भी मिलेगा.
ऑर्गेनिक खाद बनाने के लिए फलों के छिलकों को पहले पानी से अच्छी तरह धो लें. इससे उन पर लगी मिट्टी और गंदगी निकल जाएगी. इसके बाद छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. छोटे टुकड़े जल्दी गलते हैं और इससे घर पर कंपोस्ट बनाने की प्रोसेस आसान हो जाती है. केले के छिलके खाद बनाने के लिए खास तौर पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं. सेब और नाशपाती के साफ छिलके भी इसमें डाले जा सकते हैं. बहुत ज्यादा खट्टे फलों के छिलके एक साथ डालने से बचना बेहतर है.
इसके लिए आप पुरानी बाल्टी, डिब्बे या किसी कंपोस्ट कंटेनर का इस्तेमाल कर सकते हैं. सबसे नीचे सूखे पत्ते, सूखी घास या थोड़ा सूखा कागज डालें. इसके ऊपर फलों के कटे हुए छिलकों की एक पतली परत रखें. अब इसके ऊपर थोड़ी सूखी मिट्टी या सूखे पत्ते डाल दें. इसी तरह गीले किचन कचरे और सूखी सामग्री की परत बनाते रहें. कंटेनर को पूरी तरह बंद न करें, क्योंकि खाद बनने के लिए हवा जरूरी होती है.
कंपोस्ट में नमी का सही होना बहुत जरूरी है. अगर मिक्सचर बहुत सूखा लगे, तो थोड़ा पानी छिड़क सकते हैं. लेकिन ज्यादा पानी न डालें. पानी जमा होने पर बदबू आ सकती है और खाद खराब भी हो सकती है. हर कुछ दिनों में किसी लकड़ी की छड़ी से मिश्रण को हल्का पलट दें. इससे अंदर हवा पहुंचती रहेगी और खाद बनने की प्रक्रिया बेहतर होगी.
फ्रूट पील कंपोस्ट तैयार होने में कई सप्ताह से लेकर कुछ महीने तक लग सकते हैं. यह मौसम, नमी और इस्तेमाल की गई चीजों पर निर्भर करता है. जब सामग्री गहरे भूरे रंग की, मिट्टी जैसी और भुरभुरी हो जाए, तो समझें कि खाद तैयार है. इसे गमले की मिट्टी की ऊपरी परत में थोड़ी मात्रा में मिलाया जा सकता है.
खाद बनाते समय बहुत ज्यादा गीला कचरा एक साथ न डालें. सड़ा हुआ या फफूंद लगा खाना भी कंपोस्ट में डालने से बचें. इस आसान तरीके से फलों के छिलकों को कचरा बनाने के बजाय पौधों के लिए उपयोगी खाद में बदला जा सकता है.