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Kitchen Hacks: नहीं पड़ेगी जल्दी-जल्दी रिफिल करवाने की जरूरत.. इन टिप्स को अपनाकर बनाएं खाना, सिलेंडर देगा साथ डेढ़ से दो महीने तक

अगर आप चाहते हैं कि आपका एलपीजी सिलेंडर ज्यादा दिनों तक चले, तो रसोई में कुछ छोटी-छोटी आदतें बदलकर गैस की काफी बचत की जा सकती है.

Gas Refill Gas Refill

इन दिनों कई जगहों पर एलपीजी गैस की कमी हो रही है. अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण गैस की उपलब्धता पर असर पड़ने की खबरें सामने आ रही हैं. कई बड़े शहरों में होटल और रेस्टोरेंट को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि खाना बनाने के लिए पर्याप्त गैस नहीं मिल पा रही है. कुछ राज्यों में कमर्शियल गैस के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है.

घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रिफिल अवधि भी बढ़ाकर 21 दिन से 25 दिन कर दी गई है. यानी अगर सिलेंडर जल्दी खत्म हो जाए तो भी 25 दिन से पहले नया सिलेंडर बुक नहीं किया जा सकता. ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका एलपीजी सिलेंडर ज्यादा दिनों तक चले, तो रसोई में कुछ छोटी-छोटी आदतें बदलकर गैस की काफी बचत की जा सकती है.

अक्सर लोगों को लगता है कि तेज आंच पर खाना जल्दी पक जाएगा, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है. ज्यादा तेज आंच पर खाना जल्दी जल सकता है और गैस की खपत भी बढ़ जाती है. इसलिए दाल, चावल, सब्जी या रोजमर्रा का खाना पकाते समय मीडियम आंच का इस्तेमाल करना बेहतर होता है. इससे खाना अच्छे से पकता है और गैस की बचत भी होती है.

गैस बचाने का सबसे आसान और असरदार तरीका प्रेशर कुकर का इस्तेमाल है. कुकर में भाप बर्तन के अंदर ही बनी रहती है, जिससे खाना जल्दी पक जाता है. दाल, चावल, सब्जी या राजमा जैसी चीजें अगर प्रेशर कुकर में बनाई जाएं तो समय के साथ गैस की खपत भी कम होती है. पेट्रोलियम कंजर्वेशन रिसर्च एसोसिएशन के मुताबिक प्रेशर कुकर के इस्तेमाल से दाल, चावल और सब्जियां पकाने में 20 से 70 प्रतिशत तक ईंधन की बचत हो सकती है.

खाना बनाते समय बर्तन पर ढक्कन लगाना भी गैस बचाने का एक आसान तरीका है. ढक्कन लगाने से भाप बर्तन के अंदर ही रहती है और खाना जल्दी पकता है. अगर बिना ढक्कन के खाना पकाया जाए तो भाप बाहर निकल जाती है, जिससे खाना पकने में ज्यादा समय लगता है और गैस की खपत बढ़ जाती है.

कई बार लोग पहले गैस जला देते हैं और फिर सब्जियां काटने या मसाले तैयार करने लगते हैं. इस दौरान गैस बेवजह जलती रहती है और गैस की बर्बादी होती है. इसलिए बेहतर है कि खाना बनाने से पहले ही सारी तैयारी कर ली जाए. सब्जियां काट लें, मसाले तैयार कर लें और फिर गैस जलाकर खाना बनाना शुरू करें. इससे खाना जल्दी बनेगा और गैस की बचत भी होगी.

रसोई में सही बर्तन का इस्तेमाल भी गैस बचाने में मदद करता है. हमेशा सपाट तले वाले बर्तन का उपयोग करें, क्योंकि ऐसा बर्तन बर्नर पर ठीक से बैठता है और गर्मी सीधे बर्तन तक पहुंचती है. चौड़े बर्तन में खाना जल्दी पकता है और गैस कम खर्च होती है. इसके अलावा बर्तन में जरूरत से ज्यादा पानी भरने से भी बचें, क्योंकि ज्यादा पानी को गर्म होने और भाप बनने में ज्यादा समय लगता है, जिससे गैस की खपत बढ़ जाती है.

गैस बचाने के लिए बर्नर और बर्तन की सफाई भी उतनी ही जरूरी है. बर्नर में जमी कालिख या गंदगी गर्मी के प्रवाह को कम कर देती है. अगर गैस की लौ पीली या नारंगी दिखाई दे रही है तो यह संकेत हो सकता है कि बर्नर ठीक से काम नहीं कर रहा और उसे साफ करने की जरूरत है. वहीं साफ बर्तन में गर्मी सीधे खाने तक पहुंचती है, जिससे खाना जल्दी पकता है और गैस की खपत कम होती है.