Indian Railways Pet Travel Rules
Indian Railways Pet Travel Rules
हमारे देश में हर दिन ट्रेन से लाखों यात्री यात्रा करते हैं. इंडियन रेलवे यात्रियों को आवागमन में कोई परेशानी न हो इसका ध्यान रखता है. पर्व-त्योहार, गर्मी की छुट्टी में कई स्पेशल ट्रेनों का संचालन करता है ताकि यात्रियों को आसानी से कंफर्म टिकट मिल सके. ट्रेन से आपने भी कभी न कभी यात्रा जरूर की होगी लेकिन क्या आप जानते हैं कि कोई ट्रेन में अपने पालतू जानवर को लेकर जा सकता है या नहीं. हम आपको बता रहे हैं कि ट्रेन में कुत्ता-बिल्ली या कोई और पालतू जानवर लेकर जाने को लेकर क्या है इंडियन रेलवे का नियम?
आपको मालूम हो कि लोग अपने पालतू जानवर जैसे कुत्ता, बिल्ली, खरगोश आदि को सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं. ऐसे में जब ये लोग कहीं बाहर घूमने या ट्रेन से यात्रा पर जाने का प्लान करते हैं तो उनके सामने सबसे बड़ी समस्या होती है, पालतू जानवरों को कहां रखें. पालतू जानवरों को घर पर अकेले छोड़ना या किसी और के भरोसे छोड़ना मुश्किल होता है. ऐसे में बहुत से पेट पैरेंट्स अपने प्यारे जानवरों को अपने साथ ही सफर पर ले जाना पसंद करते हैं. आपको मालूम हो इंडियन रेलवे यात्रियों की इस भावना का सम्मान करता है और ट्रेनों में पालतू जानवरों को साथ ले जाने की अनुमति देता है. हालांकि इंडियन रेलवे ने इसके लिए बेहद कड़े और जरूरी नियम बनाए हैं. आपको मालूम हो कि कई बार रेलवे के नियम की जानकारी नहीं होने के कारण अपने पेट्स को सीधे ट्रेन में ले आते हैं, जो गैरकानूनी है. ऐसा करने पर जुर्माना तो देना पड़ेगा ही, साथ ही सफर का मजा भी किरकिरा हो जाएगा.
पालतू जानवरों को फर्स्ट एसी क्लास में साथ ले जाने का क्या है नियम
आपको मालूम हो कि यदि आप अपने पालतू जानवरों जैसे कुत्ते या बिल्ली को अपने साथ सीट पर रखना चाहते हैं तो आपको सिर्फ फर्स्ट एसी का पूरा कूपे (2 बर्थ या 4 बर्थ) बुक करना होगा. गौरतलब है कि ट्रेन के अन्य डिब्बों जैसे थर्ड एसी, स्लीपर या चेयर कार में पालतू जानवरों को अपने साथ सीट पर बैठाकर नहीं ले जा सकते हैं.
डॉग बॉक्स की सुविधा
यदि आप फर्स्ट एसी का पूरा कूपे बुक नहीं कर सकते तो आपको पेट को ट्रेन के लगेज डिब्बे में बने विशेष डॉग बॉक्स में भेजना होगा. इसके लिए स्टेशन के पार्सल ऑफिस पर जाकर बुकिंग करानी होगी. इसके बाद ट्रेन के गार्ड की देखरेख में पालतू जानवर को सुरक्षित सफर पर ले जाया जाता है.
फिटनेस सर्टिफिकेट और वैक्सीनेशन कार्ड जरूरी
आपको मालूम हो कि पालतू जानवर की ट्रेन टिकट बुक कराने से पहले सरकारी पशु चिकित्सक से उसका हेल्थ व फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाना होगा. इतना ही नहीं यात्रा के दौरान जानवर का पूरा वैक्सीनेशन (टीकाकरण) कार्ड भी साथ रखना होगा, जिसमें यह साफ लिखा हो कि उसे रैबीज का टीका लगा हुआ है.
बिना बुकिंग ले जाने पर देना पड़ेगा भारी जुर्माना
यदि आप बिना टिकट या बुकिंग के अपने पालतू जानवर को ट्रेन के किसी भी डिब्बे में ले जाते पकड़े जाते हैं तो भारतीय रेलवे इसे गंभीर अपराध मानता है. ऐसी स्थिति में लगेज स्केल दर से 6 गुना भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके साथ ही आपको अगले स्टेशन पर ट्रेन से उतारा जा सकता है. यदि लगेज वैन में जगह हुआ तो जानवर को तुरंत अगले स्टेशन पर लगेज वैन में शिफ्ट किया जा सकता है.