Street Dogs
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बेंगलुरु को आवारा कुत्तों से पूरी तरह से मुक्त करने को लेकर विचार किया जा रहा है. अगर ऐसा होता है तो ऐसा करने वाला बेंगलुरु देश पहला शहर होगा. इसके बारे में कर्नाटक के पशुपालन मंत्री प्रभु चौहान ने बताया कि शहर में कुत्तों के हमले और रेबीज की कई शिकायत मिलने के बाद पशुपालन विभाग बेंगलुरु को आवारा कुत्तों से मुक्त बनाने के बारे में विचार किया जा रहा है.
पशुपालन मंत्री ने बीबीएमपी के साथ की बैठक
इसके साथ ही प्रभु चौहान ने कहा कि पहले स्ट्रीट डॉग्स को पकड़ा जाएगा, फिर उन्हें आवश्यक टीके भी दिए जाएंगे. इसके साथ ही उन्हें सेल्टर में रखने की भी योजना बनाई जा रही है. जहाँ पर उनकी देख रेख की जा सके ताकि लोगों की गली के कुत्तों के द्वारा कोई परेशानी न झेलनी पड़े. इसको लेकर पशुपालन मंत्री प्रभु चौहान ने बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की.
कुत्तों की आबादी को रोकना कठिन चुनौती
इस बैठक में बेंगलुरु को स्ट्रीट डॉग्स से पूरी तरह से मुक्त बनाने का निर्णय लिया गया. वहीं इस बैठक में अधिकारियों ने कहा कि आवारा कुत्तों की आबादी को रोकना जितना लगता है, उससे कहीं अधिक कठिन चुनौती है. इसके साथ ही स्ट्रीट डॉग को पकड़ना भी एक बड़ी चुनौती है.
आवारा कुत्तों को पकड़ना बड़ी चुनौती
ANI के अनुसार एक अधिकारी ने बताया कि अगर वो 10 या 15 कुत्तों को अपना निशाना बनाते हैं तो उसमें से एक या दो को ही पकड़ पाते है. क्योंकि आवारा कुत्ते भागकर नालियों समेत कई अन्य जगहों पर जाकर छिप जाते है. एक रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरु में 2018 में करीब 45 हजार आवारा कुत्तों को बीबीएमपी द्वारा नपुंसक किया गया था. साथ ही 2019 में शहर के करीब 51 प्रतिशत को ही न्युट्रेटेड किया गया था.