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बेटी ने की लव मैरिज तो फैमिली ने कर दिया पिंडदान, पिता बोले- मर गई बेटी

बिहार के कटिहार में एक पिता ने अपने जिंदा बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया. बताया जा रहा है कि लड़की ने गांव के पास ही एक लड़के से प्रेम विवाह कर लिया था. लड़की और लड़के की जाति अलग थी. इसलिए ये शादी लड़की की फैमिल को मंजूर नहीं थी. इसलिए परिवार ने लड़की का पिंडदान कर दिया.

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Katihar News Katihar News

बिहार में ब्राह्मण परिवार की एक बेटी को प्रेम विवाह करना भारी पड़ गया. लड़की के पिता और भाई ने लड़की का श्राद्धकर्म और पिंडदान तक कर दिया. लड़की के पिता ने कहा कि मेरी बेटी शैजल कुमारी दूसरे के साथ भाग गई और मेरे प्रतिष्ठा का तार-तार कर दिया. इसलिए मेरी बेटी मर गई. अपनी बेटी का मैंने अंतिम संस्कार करते हुए उसका पिंडदान कर दिया. जीवन में वह मेरे आत्मा से चली गई.

जिंदा बेटी का अंतिम संस्कार-
यह घटना कटिहार जिले के कदवा प्रखंड में कंटिया पंचायत के निझरा गांव का है, जो काफी हैरान कर देने वाला है. निझरा गांव निवासी श्याम ठाकुर जो पेशे से पुरोहित हैं. इनकी बेटी शैजल ने बीते 23 अक्टूबर 2026 को पास के ही पंचायत पहलागढ़ के निवासी अजय पासवान के साथ भागकर प्रेम विवाह कर लिया. अजय पासवान के पिता का नाम मुन्ना पासवान है और इसकी माँ का नाम सरस्वती देवी है, जो वर्तमान में पहलागढ़ पंचायत की मुखिया है.

फैमिली को नहीं मंजूर थी शादी-
शैजल ब्राह्मण जाति से है और अजय पासवान जाति से, शैजल के परिवार वालों को यह शादी नागवार था. परिवारवाले किसी भी हाल में शैजल को अंतरजातीय विवाह करने देने की इजाजत या खुद से परिवार शादी कराने के पक्ष में नहीं था, जबकि लड़की शैलज खुद कह रही है कि वो अजय के साथ 11 साल से एक दूसरे से प्यार और रिलेशनशिप में हैं और बालिग भी हैं. शैजल यह भी कह रही है कि उसने अपने घर और परिवारवालों को इस शादी के लिए बहुत मनाने की कोशिश की. लेकिन जब कोई नहीं माना तो अजय के साथ शादी करने के लिए यह कदम उठाना पड़ा.

शादी से हम खुश हैं- लड़की
शैजल वीडियो में यह भी कह रही है कि मैं अपने पति के साथ खुश हूं. मेरा कोई अपहरण नहीं किया है. किसी का मेरे ऊपर कोई प्रेशर या दबाव नहीं है और हम दोनों साथ में जीना चाहते हैं. अपनी मर्जी से दोनों शादी किए हैं. हमलोग बालिग हैं और खुद अपना निर्णय ले सकते हैं, हम खुश हैं, No Problem.

पढ़ाई के दौरान हुआ था प्यार-
शैजल और अजय दोनों एक ही साथ पढ़ते थे, दोनों स्नातक तक की पढ़ाई पूरी करके अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, दोनों की उम्र लगभग 25-26 साल है. 

लड़की के घरवालों से की गई थी बात- लड़के के पिता
शैजल के पति अजय पासवान के पिता मुन्ना पासवान ने मोबाइल पर बताया कि पूर्व में और शादी के बाद भी हम लोगों ने लड़की के परिवारवालों से इस बात को लेकर आपस में मिल बैठकर सही निर्णय लेने का प्रस्ताव देना चाहा. लेकिन उन लोगों ने जाति को सबसे बड़ी बाधा समझ कर कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे. मुन्ना पासवान ने यह भी बताया कि शादी कर लेने के पहले मेरा लड़का और लड़की दोनों अपनी शादी का प्रस्ताव शैजल के पिता और परिवारवालों को दे चुके थे, ताकि परिवारवालों की मर्जी से समाज में रस्मों रिवाज के साथ दोनों की शादी हो, लेकिन यह शादी उन लोगों को नागवार थी. अंततः शैजल और अजय ने घर से भागकर एक दूसरे से शादी कर ली. 

शैलज मेरी बहू है- लड़के के पिता
अजय के पिता और शैजल के ससुर मुन्ना पासवान अब कहते हैं कि इस शादी से मेरी बहू शैजल के परिवारवालों ने जिस तरह से जाति विशेष को प्राथमिकता देते हुए अपनी बेटी शैजल से नफरत की आग में पूरे विधान के साथ उसका श्राद्धकर्म और पिंडदान तक कर दिया, अब शैजल का वहां कौन है? उसे कौन देखेगा और रखेगा? इसलिए मुझे अपने बच्चों के प्रति जो अपनी जिम्मेवारी है, उसे मैं निभाऊंगा, दोनों के द्वारा एक दूसरे से शादी कर लेने के बाद यह शादी मुझे मंजूर है. अजय मेरा बेटा है और शैजल मेरी बहू है.

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