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लोगों से कहा पति घर छोड़कर चला गया, बच्चों को भेजा मौसी के घर, और फिर प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या, 11 महीने बाद खुला राज

पुलिस जांच में सामने आया कि 9 अगस्त 2025 की रात वारदात से पहले दंपति के दोनों बच्चों को उनकी मौसी के घर भेज दिया गया था. इसके बाद बलिराम की सोते समय गला घोंटकर हत्या की गई और तेज धारदार हथियार से उसका सिर अलग कर दिया गया.

Navi Mumbai murder Navi Mumbai murder

नवी मुंबई के ऐरोली स्थित यादव नगर में करीब 11 महीने पहले हुई एक सनसनीखेज हत्या का राबले एमआईडीसी पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों ने मिलकर पति की हत्या की, शव के टुकड़े किए और सबूत मिटाने के लिए उन्हें जंगल में अलग-अलग जगह फेंक दिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनीता कुशवाहा (40) और राहुल दशरथ प्रजापति (30) के रूप में हुई है. स्थानीय अदालत ने दोनों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

प्रेम संबंध का विरोध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच के अनुसार, मृतक बलिराम सूर्यनाथ कुशवाहा (50) अपनी पत्नी सुनीता और राहुल के कथित प्रेम संबंध का विरोध करता था. इसी कारण दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची. वारदात से पहले 9 अगस्त 2025 की रात दंपति के दोनों बच्चों को उनकी मौसी के घर भेज दिया गया ताकि हत्या के समय वे घर में मौजूद न रहें.

सोते समय गला घोंटा, फिर सिर धड़ से अलग किया
जांच में सामने आया कि बलिराम की पहले सोते समय गला घोंटकर हत्या की गई. इसके बाद तेज धारदार हथियार से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया. पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के इरादे से शव के तीन टुकड़े किए गए. आरोपियों ने शव के हिस्सों को अलग-अलग बोरियों और चादरों में लपेटा और राहुल के ऑटो रिक्शा से गावली देव पहाड़ी के जंगल में तीन अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया.

लोगों से कहा- पति घर छोड़कर चला गया
हत्या के बाद सुनीता अपने बच्चों को लेकर घंसोली चली गई और राहुल के साथ रहने लगी. पड़ोसियों और परिचितों को बताया गया कि बलिराम घर छोड़कर कहीं चला गया है. इस कहानी के चलते कई महीनों तक किसी को हत्या की भनक नहीं लगी.

भाई की शिकायत से खुली पूरी साजिश
मामले का खुलासा तब हुआ जब बलिराम के भाई को लंबे समय तक उसका कोई पता नहीं चला. उन्होंने अप्रैल 2026 में राबले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल नंबरों में बदलाव और दोनों आरोपियों के बयानों में विरोधाभास का विश्लेषण किया. अलग-अलग पूछताछ में दोनों कथित तौर पर टूट गए और हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली.

-अभिजीत करंडे की रिपोर्ट
 

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