Mogra Plant Care
Mogra Plant Care
घरों और बालकनी में लगाए गए मोगरा के पौधे अक्सर हरे-भरे तो दिखते हैं, लेकिन उनमें फूल नहीं आते हैं. कई लोगों की शिकायत रहती है कि पौधा घना है, शाखाएं भी भरपूर हैं, लेकिन फूल नहीं आते हैं. लेकिन एक खाद ऐसा है, जिसे पौधे में डालने से मूगरा के पौधे में खूब फूल आएंगे.
गमले की मिट्टी कैसे बदलें?
मोगरा के पौधे की रिपॉटिंग साल में दो बार करनी चाहिए. ऐसा फरवरी से अप्रैल के बीच या फिर बारिश के मौसम में करनी चाहिए. इस दौरान पौधे को पुराने गमले से निकाल देना चाहिए. इसके बाद गमले की 70 फीसदी पुरानी मिट्टी बदल देनी चाहिए, क्योंकि पौधा मिट्टी के पोषक तत्वों को पहले ही खींच चुका होता है. नई मिट्टी में 20 फीसदी वर्मी कम्पोस्ट, 10 फीसदी बोन मील और बाकी सामान्य बगीचे की मिट्टी मिलाकर गमले में भरना चाहिए. गमले के नीचे जल निकासी के लिए छेद होना जरूरी है.
टहनियां छांटने से अधिक घना होता है पौधा-
गमले की मिट्टी बदलने के बाद पौधे की हार्ड प्रूनिंग भी जरूरी है. टहनियों को ऊपर से काटने या पिंच करने से नई टहनियां निकलती हैं और पौधा अधिक घना बनता है. इस दौरान पौधे को धूप से हटाकर छांव वाली जगह पर रखनी चाहिए. मिट्टी में नमी बनाए रखना जरूरी है.
2 रुपए की चीज से फूलों से भर जाएंगे गमले-
मोगरा के पौधे में खूब फूल आने के लिए एक आसान तरीका है. सफेद रंग की साधारण चॉक को पीसकर मिट्टी में मिलाना चाहिए. इस चॉक की कीमत 2 रुपए होती है. चॉक में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में होता है, जो मोगरा में बेहतर फ्लावरिंग में मददगार होता है. इसे महीने में दो बार, फूल आने से पहले इस्तेमाल करना चाहिए. खाद डालने के बाद हल्का पानी देना चाहिए, ताकि पोषक तत्व जड़ों तक पहुंच सकें.
कब देना है पानी?
जब पौधे में कलियां बनना शुरू हो जाएं, तब पानी की मात्रा थोड़ी कम कर देनी चाहिए. मिट्टी की ऊपरी सतह सूखने पर ही सीमित मात्रा में पानी देने से पौधा तेजी से फूल देने लगता है. लेकिन लंबे समय तक पानी कम रखने से शाखाएं लंबी हो सकती हैं और फूल कम आ सकते हैं. इसलिए बैलेंस रखना होगा. इस आसान उपाय से मोगरा के एक ही पौधे से सैकड़ों फूल मिलेंगे.
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