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गांव की नदी में लगाया हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट, खुद बिजली बनाकर गांव को कर रहे हैं रोशन

झारखंड में बिजली की समस्या आम बात है. एक बार बिजली गई, तो फिर घंटों ग़ायब रहती है. अपने गांव की इसी समस्या को देखकर केदार प्रसाद ने पिछले वर्ष नदी में अपना ड्रीम हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट लगाया है. 

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Kedar Prasad generating electricity Kedar Prasad generating electricity
हाइलाइट्स
  • गांव के इलेक्ट्रिशियन का कारनामा

  • गांव को किया रोशन

आपने फ़िल्म स्वदेश तो जरूर देखी होगी. फिल्म में देशी जुगाड़ के सहारे अभिनेता शाहरुख खान गांव की बिजली की समस्या को दूर करता है. कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है झारखंड के रामगढ़ जिले के दुलमी प्रखण्ड के बयांग गाँव के रहनेवाले केदार प्रसाद ने.

केदार प्रसाद ने गांव की सेनगड़ा नदी से मदद लेकर अपने सपने को हकीकत में बदला है. बहती नदी में एक छोटा हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट लगाकर पचास बल्ब से गांव के चौक-चौराहे को रोशन कर रहे हैं. 

झारखंड में बिजली की समस्या आम बात है. एक बार बिजली गई, तो फिर घंटों ग़ायब रहती है. अपने गांव की इसी समस्या को देखकर केदार प्रसाद ने पिछले वर्ष नदी में अपना ड्रीम हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट लगाया है. 

गांव को दे रहे हैं मुफ्त बिजली:

करीब तीन लाख की लागत से बने इस पॉवर हॉउस से 5 केवी बिजली का उत्पादन हो रही है. जिससे आज गांव में करीब पचास बल्ब रोशन हो रहे हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि यह बिजली नदी के पानी से बन रही है. इसमें खर्च न के बराबर है इसलिये केदार प्रसाद भी गांव में यह बिजली निःशुल्क दे रहे हैं. 

केदार प्रसाद इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं. इससे जो कमाई होती है उसका कुछ हिस्सा वह अपने पवार प्रोजेक्ट में लगाते हैं. केदार प्रसाद बताते हैं कि गांव में बिजली की बदहाल स्थिति को देखकर उन्होंने यह पवार प्रोजेक्ट करने की ठानी थी. 

गांव में फिलहाल 100 वाट के 40-50 बल्ब काम कर रहे हैं. हालांकि, उन्हें अगर कुछ सरकारी मदद मिल जाए तो पूरा गांव बिजली से रोशन हो सकता है.

यूट्यूब से ली जानकारी:

केदार ने अपना यह ड्रीम प्रोजेक्ट यूट्यूब के जरिये से जानकारी हासिल करके खड़ा किया है. गांव के लोग भी केदार प्रसाद के इस कारनामे से खुश हैं और गर्व महसूस कर रहे हैं. 

गांव के बुद्धिजीवीयों का कहना है कि अगर सरकारी  मदद मिले तो केदार प्रसाद बिजली उत्पादन को और भी बढ़ा सकते हैं. जिससे आसपास के कई गांवों में बिजली की समस्या दूर हो सकती है. 

(राजेश वर्मा की रिपोर्ट)