
Prayagraj News
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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगापार इलाके के लाल गोपालगंज में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. इस इलाके के रहने वाले परिवार ने अपनी बेटी को मरा समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था. लेकिन अब पता चला है कि वो जिंदा है और गुजरात में है. फैमिली को पहले इसपर भरोसा नहीं हुआ. लेकिन जब फैमिली ने वीडियो कॉल पर बात की तो उनकी आंखों में आंसू आ गए.
अचानक घर से लापत हो गई थी 30 साल की प्रीति-
लाल गोपालगंज के उमरावगंज के रहने वाले बनवारी लाल की बेटी प्रीति 30 साल की है और 13 मई 2023 को अचानक घर से लापता हो गई थी. मां कमला देवी ने अपने परिवार वालों के साथ मिलकर काफी खोजबीन किया. लेकिन बेटी का कहीं पता नहीं चला. कुछ दिन बाद एक रिश्तेदार पर शक जताते हुए 16 मई को नवाबगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाया था. लेकिन समय बीतने के बावजूद बेटी का कोई पता नहीं चल सका.
बेटी का कर दिया था अंतिम संस्कार-
कई साल बाद यानी 30 सितंबर 2026 को गोरखपुर पुलिस ने यश ऐप के जरिए मिलान कर परिवार को सूचना दी कि चिलुआताल नदी के पास झाड़ियों में एक अज्ञात युवती का शव मिला था. परिवार के लोग गोरखपुर पहुंचे और शव के कपड़ों, हाथ पर बने टैटू, नाक के तिल और शरीर पर जले के निशान के आधार पर उसे प्रीति समझ लिया. पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया. डीएनए रिपोर्ट का इंतजार किए बिना परिवार ने इसी 4 अक्टूबर को पूरे रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कर दिया और बाद में तेरहवीं भी कर दिया.

अरे अम्मा, हम जियत हईं- प्रीति
शनिवार को श्याम जीत पर्मिला सिंह ACP सोरांव के पास गुजरात के वडोदरा के नारी संरक्षण केंद्र से फोन आया. केंद्र ने बताया कि उमरावगंज की रहने वाली प्रीति सुरक्षित है. पुलिस ने जब उसकी मां कमला देवी को यह जानकारी दी, तो उन्हें यकीन नहीं हुआ. इसके बाद वीडियो कॉल पर मां की बेटी से बात करवाया गया. अपनी बेटी को देख पहले तो शुरुआत में परिवार को लगा कि कहीं ये एआई से बनाया गया नकली वीडियो तो नहीं है. संदेह दूर करने के लिए गांव के कई लोगों को कैमरे के सामने लाया गया. युवती ने सभी को देखकर एक-एक को नाम से पहचाना और पुरानी बातें भी याद दिलाईं. वहीं, दूसरी तरफ वीडियो कॉल पर बेटी को जीवित देखकर परिवार भावुक हो गया. वहीं, बेटी ने भी बड़े भावुक अंदाज में अपने गांव की भाषा में मां से बात करते हुए प्रीति ने कहा कि अरे अम्मा, हम जियत हईं.

वहीं, पुलिस की एक पहल से एक बेटी को परिवार से मिला दिया गया. परिवार में अब खुशी का माहौल है. जिस परिवार में मातम था, मानो उस परिवार में 30 साल की बेटी फिर से जन्म ले लिया हो. लेकिन सवाल यह है जिस बेटी का उन लोगों ने अंतिम संस्कार किया. वह किसकी बेटी थी. अब यह भी जांच का विषय है, जो डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा.
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