how to take care of Gudhal
how to take care of Gudhal
गर्मी में गुड़हल का पौधा अगर मुरझा रहा है या कम फूल दे रहा है तो इसमें आप एक जादुई चीज डाल सकते हैं. इसे डालने के 2-3 दिन के अंदर ही आप देखेंगे कि आपका पौधा नई कलियां बनाना शुरू कर रहा है और उसकी ग्रोथ भी पहले से बेहतर दिखाई देने लगेगी. खास बात यह है कि यह चीज आपके किचन में ही मौजूद होती है और इसे तैयार करने में कोई खर्च भी नहीं आता. हम बात कर रहे हैं चावल धोने या उबालने के बाद बचे पानी की, जो गुड़हल के पौधे के लिए प्राकृतिक खाद की तरह काम करता है.
गर्मी में क्यों कमजोर पड़ जाता है गुड़हल का पौधा?
गर्मी के मौसम में तेज धूप और अधिक तापमान की वजह से गुड़हल के पौधों पर असर पड़ता है. कई बार पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं, कलियां झड़ जाती हैं और फूलों की संख्या कम हो जाती है. यदि पौधे को पर्याप्त पोषण और नमी नहीं मिले तो उसकी ग्रोथ भी रुक सकती है. ऐसे में सही देखभाल और पौष्टिक खाद की जरूरत होती है, ताकि पौधा स्वस्थ बना रहे और लगातार फूल देता रहे.
चावल का पानी पौधों के लिए क्यों फायदेमंद है?
चावल के पानी में स्टार्च, कार्बोहाइड्रेट और कई सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों को सक्रिय करने में मदद करते हैं. इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पौधों की जड़ों को बेहतर पोषण मिलता है. गुड़हल जैसे फूलदार पौधों के लिए यह पानी प्राकृतिक टॉनिक की तरह काम कर सकता है.
चावल के पानी की खाद कैसे बनाएं?
चावल का पानी तैयार करने के लिए जब भी आप चावल धोएं, उसका पहला पानी फेंकने के बजाय किसी बर्तन में इकट्ठा कर लें. अगर चावल उबाले हैं तो उसका बचा हुआ पानी भी इस्तेमाल किया जा सकता है. ध्यान रखें कि पानी में नमक या मसाले न मिले हों.
इस पानी को 24 घंटे तक ढककर रखें. इसके बाद इसमें बराबर मात्रा में सामान्य पानी मिलाकर पतला कर लें. इससे खाद का घोल पौधे के लिए संतुलित हो जाता है और जड़ों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता.
गुड़हल में चावल का पानी कैसे डालें?
सबसे पहले पौधे की मिट्टी को थोड़ा ढीला कर लें. इसके बाद तैयार घोल को पौधे की जड़ों के आसपास धीरे-धीरे डालें. एक मध्यम आकार के गमले में लगभग एक से दो कप घोल पर्याप्त रहता है. इस खाद का इस्तेमाल सप्ताह में एक बार करना बेहतर माना जाता है.
ध्यान रखें कि चावल का पानी रोजाना न डालें, क्योंकि अधिक नमी से जड़ें प्रभावित हो सकती हैं. सही मात्रा में उपयोग करने पर कुछ ही दिनों में पौधे में नई पत्तियां और कलियां दिखाई देने लगती हैं.
गर्मी में गुड़हल की देखभाल के लिए अपनाएं ये टिप्स
पौधे को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की धूप मिले और दोपहर की तेज धूप से बचाव हो.
मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी न दें.
सूखी पत्तियों और मुरझाए फूलों को समय-समय पर हटाते रहें.
महीने में एक बार जैविक खाद या वर्मीकम्पोस्ट डालें.
कीटों से बचाव के लिए नीम के तेल का स्प्रे कर सकते हैं.
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