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4 आम की कीमत 2 लाख से ज्यादा, आखिर क्यों खास है यूपी का ये मियाजाकी आम?

यूपी के सहारनपुर में किसान संदीप चौधरी ने 2.11 लाख में एक किलोग्राम आम बेचा है. इस महंगे आम का खरीदार भी भारतीय है. गुजरात के कारोबारी प्रवीण गुप्ता ने ये स्पेशल आम को अपनी मां के लिए खरीदा है. इस आम को मियाजाकी कहा जाती है. ये काफी महंगे होते हैं. संदीप ने मियाजाकी के 40 पेड़ लगाए हैं.

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दुनिया के सबसे महंगे आमों में शुमार मियाजाकी आम ने किसान संदीप चौधरी की मेहनत को नई पहचान दिलाई है. गुजरात के सूरत निवासी व्यापारी प्रवीण गुप्ता ने किसान से सिर्फ 4 मियाजाकी आम यानी एक किलो आम 2 लाख 11 हजार रुपए में खरीदे हैं. बताया जा रहा है कि भारत में पहली बार किसी खरीदार ने मियाजाकी आम के लिए इतनी बड़ी कीमत चुकाई है. खास बात यह है कि प्रवीण गुप्ता ने यह आम अपनी मां के नाम पर खरीदा है.

2.11 लाख में 4 आम-
किसान संदीप चौधरी ने बताया कि इस आम की डील पहले ₹3.5 लाख में तय हुई थी, लेकिन जब उन्हें पता चला कि खरीदार यह आम अपनी मां को समर्पित करना चाहते हैं, तो उन्होंने कीमत घटाकर ₹2 लाख 11 हजार कर दी. सौदे के तहत ₹1 लाख 11 हजार ऑनलाइन मिल चुके हैं, जबकि शेष ₹1 लाख आम की डिलीवरी के समय 1 अगस्त को दिए जाएंगे. इससे पहले पिछले वर्ष भी प्रवीण गुप्ता आम खरीदना चाहते थे, लेकिन तब किसान ने यह आम मुख्यमंत्री को भेजे थे.

किसान ने लगाए मियाजाकी के 40 पेड़-
संदीप चौधरी का कहना है कि उन्होंने तीन साल पहले मियाजाकी आम की खेती इस सोच के साथ शुरू की थी कि किसान पारंपरिक खेती के साथ महंगी और विशेष फसलों की ओर भी बढ़ें, ताकि उनकी आय में बढ़ोतरी हो सके. उन्होंने बताया कि कई लोगों ने शुरुआत में उनका मजाक उड़ाया और कहा कि आम लाखों रुपये में नहीं बिक सकता, लेकिन आज उनकी मेहनत रंग लाई. किसान ने यह भी घोषणा की है कि इस बिक्री से मिली राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा गरीबों की मदद के लिए खर्च करेंगे. वर्तमान में उनके पास मियाजाकी आम के करीब 40 पेड़ हैं.

क्यों इतना महंगा है ये आम?
मियाजाकी आम अपनी अनोखी लाल-बैंगनी रंगत, बेहतरीन स्वाद और उच्च पोषण गुणों के कारण दुनिया का सबसे महंगा आम माना जाता है. इसमें सामान्य आमों की तुलना में अधिक विटामिन-ए, विटामिन-सी, बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. किसान संदीप चौधरी ने अन्य किसानों से भी अपील की कि वे पारंपरिक खेती के साथ ऑर्गेनिक और उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती अपनाएं. उनका मानना है कि खेती में बदलाव और नई तकनीक ही किसानों की आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी रास्ता है.

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