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Sambhal News: बच्चे को काट लिया था सांप... एंटी वेनम की जगह एंटी रैबीज का लगा दिया इंजेक्शन... जानें फिर क्या हुआ?

संभल में एक चार साल के बच्चे को सांप ने काट लिया था. इस बच्चे को फार्मासिस्ट ने एंटी वेनम की जगह एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगा दिया था. 10 दिनों तक वेंटिलेटर पर जिंदगी से जंग लड़ने के बाद अब इस बच्चे की घर वापसी हुई है. डॉक्टरों ने फूल मालाओं से विदाई दी. 

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सांप काटे बच्चे के एंटी वेनम की जगह एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगा दिया था. सांप काटे बच्चे के एंटी वेनम की जगह एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगा दिया था.

यूपी के संभल में सर्पदंश के बाद एंटी वेनम इंजेक्शन के बजाय एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाकर घर भेजने वाले जिला संयुक्त चिकित्सालय के कारनामे के कारण वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझने वाला बच्चा 10 दिन बाद रिकवर होकर अब घर लौट गया है. 4 वर्षीय बच्चा प्राइवेट हॉस्पिटल से ठीक होकर घर लौटने लगा तो अस्पताल के डॉक्टरों ने जिंदगी की जंग जीतने वाले बच्चे को फूल मालाएं पहनाकर अस्पताल से विदा किया. 10 दिन पहले खेलते समय बच्चे को करैत सांप ने काट लिया था. उसे उपचार के लिए परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे तो जिला संयुक्त चिकित्सालय की फार्मासिस्ट ने बच्चों को डॉक्टर के पास भेजने के बजाय स्वयं ही पर्चे पर एंटी वेनम इंजैक्शन की जगह एंटी रैबीज इंजेक्शन लिखकर लगवाने के लिए भेज दिया था. मामला शासन तक पहुंचा तो जांच के बाद फार्मासिस्ट को भी सस्पेंड किया जा चुका है.

घर के आंगन में खेल रहा था बच्चा तभी सांप ने काट लिया था
कैला देवी थाना इलाके की मूसापुर गांव के निवासी अबुल हसन का 4 वर्षीय मासूम बच्चा 10 दिन पहले अपने घर के आंगन में खेल रहा था. इस दौरान बच्चे का कंचा एक गड्ढे के अंदर गया तो बिल के अंदर बैठे हुए सांप ने बच्चे को डंस लिया था. बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिजन तुरंत ही संभल जिला संयुक्त चिकित्सालय की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे तो इमरजेंसी वार्ड में तैनात फार्मासिस्ट मनोज कुमार ने बच्चे को डॉक्टर के पास भेजने की बजाय सीधे खुद ही पर्चे पर एंटी वेनम इंजेक्शन के बजाय एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने की सलाह देते हुए कमरा नंबर 14 में भेज दिया था.  इसके बाद जिला संयुक्त चिकित्सालय से बच्चे को सांप काटने के बाद लगने वाली एंटी वेनम वैक्सीन के बजाय कुत्ते कांटे की एंटी रेबीज वैक्सीन लगाकर और दो गोलियां देकर घर भेज दिया था. अस्पताल ने बच्चे को सांप के काटे जाने की बात से इनकार कर दिया था. 

और बिगड़ने लगी बच्चे की हालत
परिजन बच्चे को घर लेकर पहुंचे तो बच्चे की हालत बिगड़ने लगी थी. इसके बाद बच्चों के परिजनों ने आनन फानन में संभल के हसीना बेगम प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था लेकिन बच्चे की हालत बेहद गंभीर देते हुए उसको वेंटिलेटर पर रख दिया गया था. एक तरफ डॉक्टरों की टीम बच्चे की हालत सुधारने के लिए काम कर रही थी तो वहीं दूसरी तरफ वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझ रहे बच्चे के लिए दुआओं का दौर जारी था. 7 दिन बाद बच्चे की हालत में सुधार हुआ तो धीरे-धीरे 10 दिन के अंदर बच्चे की हालत सुधर गई और वह रिकवर हो गया. 10 दिन बाद बच्चे के रिकवर होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया तो डॉक्टरों ने जिंदगी और मौत से जंग लड़ने वाले  बच्चे को फूल मलाई पहनकर अस्पताल से विदा किया. इस पर बच्चे के परिजन भी भावुक नजर आए.

फार्मासिस्ट पर गिरि गाज
संभल जिला संयुक्त चिकित्सालय में सर्पदंश झेलने वाले 4 वर्षीय बच्चे को एंटी वेनम वैक्सीन के बजाय एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने वाले फार्मासिस्ट मनोज कुमार की लापरवाही का कारनामा शासन स्तर तक पहुंचा तो स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक के द्वारा मामले में जांच कराकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे. इसके बाद संभल जिले के डीएम अंकित खंडेलवाल के द्वारा सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर तरुण पाठक को अस्पताल भेज कर मामले की जांच पड़ताल कराई गई तो अस्पताल के फार्मासिस्ट का कारनामा सही निकला था. इसके बाद फार्मासिस्ट मनोज कुमार को निलंबित कर दिया गया.

क्या बोले बच्चे के अभिभावक 
बच्चे की मां का कहना है कि हमारे बच्चे को सांप ने काटा था. सरकारी अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने कुत्ते काटे हुए का इंजेक्शन लगाकर कह दिया था कि यह बच्चा सांप का कटा हुआ नहीं है लेकिन जब हम बच्चों को घर ले आए और उसकी दवाई खिलाई तो उसकी हालत खराब होती चली गई. इसके बाद हम प्राइवेट हॉस्पिटल में आए. इन्होंने बच्चों को वेंटिलेटर पर रख दिया था. सात दिन बाद बच्चे ने पैर हिलाए तो उम्मीद जागी थी लेकिन अब बिल्कुल ठीक हो गया. बच्चे के पिता ने कहा कि हसीना बेगम अस्पताल में बच्चे का बेहतरीन उपचार किया गया. अस्पताल के स्टाफ ने काफी अच्छे से मदद की है.