scorecardresearch

65 साल के बुजुर्ग की पीठ पर सवार होकर पटवारी ने पार किया नाला, फसल नुकसान का लेने गया था जायजा, Video Viral

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जो सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. फसल नुकसान का जायजा लेने पहुंचा पटवारी नाला पार करने के लिए 65 साल के बुजुर्ग की पीठ पर सवार हो गया. हालांकि जब वीडियो वायरल हुआ तो पटवारी को निलंबित कर दिया गया.

Advertisement
Sidhi News Sidhi News

मध्य प्रदेश के सीधी जिले से सरकारी सिस्टम की संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करने वाला वीडियो सामने आया है. एक पटवारी नाला पार करने के लिए 65 साल के बुजुर्ग की पीठ पर सवार हो गया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो प्रशासन एक्शन में आया. एसडीएम ने तुरंत पटवारी को निलंबित कर दिया.

बुजुर्ग की पीठ पर सवार 'सिस्टम'-
सीधी जिले में पटवारी नीलेश नामदेव फसल नुकसान का जायजा लेने पहुंचे थे. इस दौरान उनको एक नाला पार करना था. पटवारी नाला पार करने के लिए करीब 65 साल के बुजुर्ग की पीठ पर सवार हो गए. किसी ग्रामीण ने इसका वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

नाला पार हो गए पटवारी, सिस्टम पर सवाल-
मामला सीधी जिले की ग्राम पंचायत माटा का है. विंध्य क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने राजस्व अमला गांव-गांव पहुंच रहा था. इसी दौरान माटा हल्का पटवारी नीलेश नामदेव भी फसल नुकसान का जायजा लेने पहुंचे.

बताया जा रहा है कि रास्ते में एक नाले में पानी भरा था. नाला पार करने के लिए पटवारी ने करीब 65 वर्षीय बुजुर्ग ललवा केवट की पीठ का सहारा लिया और उनकी पीठ पर सवार होकर पानी पार कर गए.

गांववाले ने बनाया वीडियो, हो गया वायरल-
किसी ग्रामीण ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली और मामले की शिकायत प्रशासन से की गई.

पटवारी पर एक्शन-
मामले में कलेक्टर विकास मिश्रा ने सख्ती दिखाई है. अपर कलेक्टर बीपी पांडेय को मौके पर भेजकर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है.

एसडीएम गोपद बनास प्रिया पाठक ने पटवारी नीलेश नामदेव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. प्रशासन के मुताबिक प्रथम दृष्टया पटवारी का व्यवहार असंवेदनशील और अपमानजनक पाया गया है. निलंबन की कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9 के तहत की गई है.

ग्रामीणों की शिकायत में शासकीय पट्टा, पीएम किसान सम्मान निधि, जाति और जन्म प्रमाण पत्र जैसे मामलों में सेवा शुल्क मांगने के आरोपों का भी उल्लेख किया गया है. अब अपर कलेक्टर की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी.

ये भी पढ़ें: