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Shardiya Navratri 2026: नवरात्र में कुट्टू का आटा खाते समय न करें ये गलती, बिगड़ सकती है तबीयत

अक्सर लोगों के साथ होता है कि वह धार्मिक व्रत में इस्तेमाल होने वाले कुट्टू के आटे को काफी ज्यादा मात्रा में खरीद लेते हैं, जिससे वह खराब हो जाता है. साथ ही कई बात ठीक तरीके से स्टोर न कर पाने पर भी वह खराब हो जाता है.

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कुट्टू का आटा कुट्टू का आटा

शारदीय नवरात्र में बहुत से लोग नौ दिनों तक व्रत रखते हैं. इस दौरान फलाहार के लिए कुट्टू के आटे की पूरी, पकौड़ी और चीला खाना पसंद करते हैं. लेकिन कुट्टू का आटा खरीदने, रखने और इस्तेमाल करने में थोड़ी सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है. 

पुराना, नमी वाला या खराब आटा खाने से पेट की परेशानी और फूड पॉइजनिंग का खतरा हो सकता है. ऐसे में अगर आप भी नवरात्र का व्रत रखने वाले हैं, तो कुट्टू का आटा इस्तेमाल करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें.

कुट्टू का आटा बढ़ा सकता है परेशानी?

कुट्टू का आटा अगर लंबे समय तक रखा जाए या उसे सही तरीके से स्टोर न किया जाए, तो उसमें नमी आ सकती है. इससे फफूंद लगने और आटा खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. कई बार बाजार में पुराने आटे को नए आटे के साथ मिलाकर भी बेचा जाता है. ऐसा आटा खाने से तबीयत बिगड़ सकती है. इसलिए व्रत में कुट्टू का आटा इस्तेमाल करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करना जरूरी है.

खरीदें ताजा कुट्टू का आटा

नवरात्र में जरूरत के हिसाब से थोड़ी मात्रा में ही कुट्टू का आटा खरीदें. ज्यादा आटा खरीदकर लंबे समय तक रखने से उसके खराब होने का खतरा बढ़ सकता है. कोशिश करें कि भरोसेमंद दुकान से ही आटा खरीदें.

अगर आप पैकेट वाला कुट्टू का आटा खरीद रहे हैं, तो उसकी पैकिंग और इस्तेमाल की आखिरी तारीख जरूर देखें. पैकेट फटा हुआ हो या उसमें नमी दिखाई दे, तो उसे न खरीदें.

साफ और सूखे डिब्बे में करें स्टोर

पैकेट खोलने के बाद आटे को साफ, सूखे और हवा बंद डिब्बे में रखें. इसे ऐसी जगह रखें जहां नमी न हो. गर्मी या उमस के मौसम में जरूरत के अनुसार इसे फ्रिज में भी रखा जा सकता है.

इस्तेमाल से पहले आटे को छान लें

कुट्टू का आटा इस्तेमाल करने से पहले उसे अच्छी तरह छान लें. अगर उसमें कीड़े, गंदगी या दूसरी अनचाही चीजें दिखाई दें, तो उसका इस्तेमाल न करें. अगर आटे से अजीब गंध आ रही हो, उसमें गांठें हों, सीलन महसूस हो या फफूंद दिखाई दे, तो उसे फेंक दें. ऐसे आटे को इस्तेमाल न करें.

जरूरत से ज्यादा आटा न रखें

व्रत के दौरान जितने आटे की जरूरत हो, उतना ही इस्तेमाल करें. बचे हुए आटे को लंबे समय तक रखने से बचें और उसे नमी से दूर रखें. कुट्टू का आटा खाने के बाद उल्टी, दस्त या पेट दर्द जैसी परेशानी हो, तो इसे हल्के में न लें. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें.