haunted places in Delhi
haunted places in Delhi
देश की राजधानी दिल्ली अपनी ऐतिहासिक इमारतों, बाजारों और पर्यटन स्थलों के लिए दुनिया भर में मशहूर है. लेकिन इसी शहर में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जिनका नाम सुनते ही लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है. इन स्थानों से जुड़ी रहस्यमयी कहानियां, पुराने किस्से और स्थानीय लोगों के अनुभव इन्हें दिल्ली की सबसे डरावनी जगहों में शामिल करते हैं. कई लोग दावा करते हैं कि यहां अजीब आवाजें सुनाई देती हैं, अनदेखी परछाइयां दिखाई देती हैं और शाम होने के बाद माहौल पूरी तरह बदल जाता है. हालांकि इन घटनाओं की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वर्षों से चली आ रही कहानियों के कारण ये स्थान आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं.
भुली भटियारी का महल
सेंट्रल रिज के जंगलों के बीच स्थित भुली भटियारी का महल 14वीं शताब्दी में फिरोज शाह तुगलक द्वारा बनवाया गया था. यह कभी शिकारगाह के रूप में इस्तेमाल होता था, लेकिन अब यह वीरान पड़ा है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां शाम के बाद अजीब आवाजें, ठंडी हवाएं और अनजानी हलचल महसूस होती है. यही वजह है कि अंधेरा होने के बाद यहां जाने से लोग बचते हैं.
खूनी नदी
रोहिणी इलाके में स्थित खूनी नदी लंबे समय से रहस्यमयी घटनाओं के कारण चर्चा में रहती है. यहां कई लोगों के डूबने की घटनाओं का जिक्र किया जाता है. आसपास रहने वाले लोग बताते हैं कि नदी के किनारे जाने पर किसी अदृश्य शक्ति के अंदर खींचने जैसा एहसास होता है. फुसफुसाहट जैसी आवाजों की कहानियां भी इस जगह को और डरावना बना देती हैं.
दिल्ली कैंट
दिल्ली कैंट का इलाका दिन में बेहद शांत और खूबसूरत दिखाई देता है, लेकिन रात होते ही इससे जुड़ी कहानियां लोगों को डराती हैं. कई वाहन चालकों का दावा है कि रात में सफेद कपड़े पहने एक महिला लिफ्ट मांगती दिखाई देती है. कुछ लोगों का कहना है कि वह अचानक गाड़ी के पीछे नजर आने लगती है और फिर गायब हो जाती है.
संजय वन
मेहरौली स्थित संजय वन हरियाली, पक्षियों और प्राचीन खंडहरों के लिए जाना जाता है. लेकिन शाम ढलने के बाद यहां का माहौल बदल जाता है. कई लोगों ने सफेद साड़ी पहने एक महिला को देखने का दावा किया है, जो कुछ ही पल में गायब हो जाती है. इसी वजह से यह जगह भी दिल्ली की चर्चित डरावनी जगहों में गिनी जाती है.
म्यूटिनी हाउस
कश्मीरी गेट स्थित म्यूटिनी हाउस 1857 के विद्रोह में मारे गए सैनिकों की याद में बनाया गया था. स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यहां कदमों की आहट, धातु की टकराने जैसी आवाजें और धीमी फुसफुसाहट सुनाई देती है. इतिहास और रहस्य का यह मेल इस जगह को और भी खास बनाता है.
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