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गर्मियों में चाह रहे हैं सुकून और ठंडक.. तो इन हिल स्टेशन का न करें रुख, पूरी वैकेशन बन जाएगी आफत

गर्मियों के मौसम में छुट्टियां मनाने के लिए लोग अक्सर हिल स्टेशन का रुख करते हैं. लेकिन दिक्कत यह है कि इस दौरान यहां सड़कों पर जाम लग जाता है, होटलों में जगह नहीं मिलती. ऐसे में जो पॉपुलर हिल स्टेशन हैं आपको उनसे बचने की जरूरत है.

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गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही ज्यादातर लोग पहाड़ों की तरफ घूमने का प्लान बनाने लगते हैं. ठंडी हवा, खूबसूरत नज़ारे और शहर की भागदौड़ से दूर सुकून पाने के लिए लोग हिल स्टेशन पहुंच जाते हैं. लेकिन भारत के कुछ ऐसे मशहूर हिल स्टेशन हैं जहां पीक समर सीजन में इतनी ज्यादा भीड़ हो जाती है कि घूमने का मजा ही खराब हो जाता है. ट्रैफिक जाम, महंगे होटल और लंबी भीड़ आपकी ट्रिप को तनावभरा बना सकते हैं. अगर आप भी इस गर्मी कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इन हिल स्टेशनों पर पीक सीजन में जाने से बचना बेहतर हो सकता है.

शिमला में ट्रैफिक और भीड़ कर सकती है परेशान
शिमला भारत के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक है. गर्मियों में यहां लाखों पर्यटक पहुंचते हैं. लेकिन मई-जून के दौरान यहां इतना ट्रैफिक जाम हो जाता है कि कई बार घंटों सड़क पर फंसे रहना पड़ता है. होटल की कीमतें भी काफी बढ़ जाती हैं और मॉल रोड पर पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती. अगर आप शांत माहौल चाहते हैं, तो पीक सीजन में यहां जाने से बचें.

मनाली में छुट्टियों के दौरान बढ़ जाती है भारी भीड़
मनाली अपने बर्फीले नजारों और एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए काफी फेमस है. लेकिन गर्मियों की छुट्टियों में यहां पर्यटकों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. सोलंग वैली और रोहतांग जैसे इलाकों में लंबी गाड़ियों की लाइनें लग जाती हैं. भीड़ की वजह से होटल और खाने-पीने का खर्च भी काफी बढ़ जाता है.

मसूरी का सुकून भीड़ में खो जाता है
मसूरी को 'क्वीन ऑफ हिल्स' कहा जाता है, लेकिन गर्मियों में यहां का हाल भी किसी भीड़भाड़ वाले शहर जैसा हो जाता है. माल रोड पर घूमना मुश्किल हो जाता है और पार्किंग की समस्या अलग से परेशान करती है. अगर आप प्रकृति के बीच शांति चाहते हैं, तो ऑफ-सीजन में यहां जाना ज्यादा बेहतर रहेगा.

नैनीताल में बढ़ जाती है होटल और ट्रैफिक की दिक्कत
नैनीताल अपनी खूबसूरत झीलों और पहाड़ों के लिए जाना जाता है. लेकिन पीक समर सीजन में यहां इतनी ज्यादा भीड़ हो जाती है कि होटल मिलना मुश्किल हो जाता है. ट्रैफिक जाम और पार्किंग की कमी पर्यटकों की परेशानी बढ़ा देती है. कई बार नैनी झील के आसपास घूमना भी मुश्किल हो जाता है.