Tulsi Plant
Tulsi Plant
तुलसी का पौधा भारतीय संस्कृति में धार्मिक और औषधीय महत्व रखता है. यह एक सन लविंग प्लांट है. लेकिन सर्दी के मौसम में तुलसी के पौधों का बचाव करना पड़ता है. इसकी देखभाल ज्यादा करनी पड़ती है. ये पौधे सर्दियों में डोरमेंसी पीरियड में चले जाते हैं. ठंड, ओस और पाले के कारण इसकी पत्तियां काली पड़ने लगती हैं और पौधा सूखने लगता है. सर्दी में तुलसी की सही देखभाल करना बेहद जरूरी है.
पौधे को ज्यादा पानी ना दें-
तुलसी के पौधे को ओवर वाटरिंग से बचाना चाहिए. पौधे को रोजाना 100-150 एमएल पानी देना पर्याप्त है. ज्यादा पानी देने से मिट्टी गीली हो जाती है और फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है. पानी देने के लिए छोटे बर्तन का इस्तेमाल करना चाहिए.
ठंडी हवाओं से बचाएं-
सर्दियों में तुलसी को पर्याप्त धूप देना जरूरी है. पौधे को ऐसी जगह रखें, जहां ठंडी हवाएं न पहुंचें. सूर्य का प्रकाश पौधे की ग्रोथ को बनाए रखने में मदद करता है. ठंडी हवाओं से बचाने के लिए पौधे को दीवार के पास या हरी चद्दर से ढककर रखें. रात में ओस और पाले से बचाने के लिए पौधे को पन्नी, बोरे या लाल कपड़े से ढकें. यह उपाय पौधे को सुबह तक सुरक्षित रखता है.
हल्दी डालने से फंगस का खात्मा-
फंगस से बचाने के लिए हल्दी का उपयोग करें. हल्दी डालने से फंगस खत्म होती है और चीटियां भी पौधे पर नहीं चढ़ती. सूखी डालियों को समय-समय पर हटाने से पौधे की ग्रोथ बेहतर होती है.
सर्दियों में तुलसी को फर्टिलाइजर देना जरूरी है. चाय की फ्रेश पत्ती और सरसों खली का लिक्विड फर्टिलाइजर पौधे को पोषण देने में मदद करता है. फर्टिलाइजर को 15-20 दिन के अंतराल पर देना चाहिए.
सर्दियों में सही देखभाल से तुलसी का पौधा हरा-भरा और स्वस्थ रहता है. इसकी पत्तियां औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं, जो सर्दी-जुकाम में राहत देती हैं.
ये भी पढ़ें: