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लगवाना है सोलर पैनल, आ रही है दिक्कत तो सोलर दीदी से ले सकते हैं मदद, जानें कैसे?

उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर लगवाने के लिए आर्थिक मदद तो मिलती ही है. इसके साथ ही आवेदन और इंस्टॉलेशन की प्रकिया समझना भी जरूरी है. ऐसे में 'सोलर दीदी' पहल की भूमिका अहम हो जाती है. सोलर दीदी के पास आपके हर सवाल का जवाब होता है.

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Solar Pump (सांकेतिक फोटो) Solar Pump (सांकेतिक फोटो)

रूफटॉप सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए केवल आर्थिक सहायता और तकनीकी सुविधाएं ही पर्याप्त नहीं हैं. लोगों तक योजना की सही जानकारी पहुंचाना और उन्हें आवेदन तथा इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया समझाना भी जरूरी है. सोलर दीदी पहल इसी उद्देश्य से स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के काम से जोड़ती है.

उत्तर प्रदेश में यह पहल प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी है. केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत 13 फरवरी 2024 को की थी. इसका लक्ष्य मार्च 2027 तक देश के एक करोड़ आवासीय परिवारों में रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने में मदद करना है. योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र परिवारों को रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता भी दी जाती है.

कैसे काम करती है सोलर दीदी पहल?
सोलर दीदी कार्यक्रम के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को रूफटॉप सोलर के बारे में जागरूकता फैलाने और परिवारों को इसे अपनाने की प्रक्रिया समझाने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, इस कार्यक्रम में दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है.

इन महिलाओं की भूमिका में सौर ऊर्जा के लाभों की जानकारी देना, योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया समझाना तथा रूफटॉप सोलर संयंत्र लगवाने के विभिन्न चरणों के बारे में मार्गदर्शन करना शामिल हो सकता है. वे परिवारों और योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी एजेंसियों के बीच संपर्क स्थापित करने में भी मदद कर सकती हैं.

यह भूमिका इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि रूफटॉप सोलर लगवाने से पहले परिवारों को तकनीकी आवश्यकताओं, विक्रेता के चयन, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध आर्थिक सहायता से जुड़ी जानकारी की जरूरत हो सकती है.

उत्तर प्रदेश सरकार की भूमिका-
उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा से जुड़ी पहलों के लिए उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (UPNEDA) नोडल एजेंसी है. उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति 2022 में आवासीय भवनों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने को प्रोत्साहित किया गया है. राज्य की सौर ऊर्जा संबंधी योजनाओं में यह नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

सोलर दीदी पहल इन प्रयासों को समुदायों तक पहुंचाने में मदद कर सकती है. शहरी आजीविका समूहों का नेटवर्क महिलाओं को स्थानीय स्तर पर जागरूकता और संपर्क गतिविधियों में भाग लेने का अवसर देता है. 

यह पहल महिलाओं को सौर ऊर्जा के बारे में जानकारी हासिल करने और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करती है. हालांकि, प्रशिक्षण की अवधि, महिलाओं की जिम्मेदारियों और प्रोत्साहन राशि जैसी व्यवस्थाएं संबंधित दिशा-निर्देशों तथा स्थानीय स्तर पर क्रियान्वयन के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं.

स्वच्छ ऊर्जा और सामुदायिक भागीदारी-
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उद्देश्य वित्तीय सहायता और राष्ट्रीय आवेदन पोर्टल के माध्यम से आवासीय उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर अपनाना आसान बनाना है. सोलर दीदी पहल इसमें सामुदायिक जागरूकता का एक अतिरिक्त माध्यम जोड़ती है.

महिलाओं की भागीदारी को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता से जोड़कर यह पहल परिवारों को रूफटॉप सोलर अपनाने के बारे में जानकारीपूर्ण निर्णय लेने में मदद कर सकती है. साथ ही, इससे महिलाओं के लिए स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ने के अवसर भी बनते हैं.

सोलर दीदी को रूफटॉप सोलर अपनाने में सहायता देने वाली सामुदायिक जागरूकता और प्रशिक्षण पहल के रूप में समझना चाहिए, न कि एक अलग बिजली सब्सिडी योजना के रूप में. सब्सिडी और पात्रता की शर्तें संबंधित रूफटॉप सोलर योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार तय होती हैं.

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