scorecardresearch

भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के तारों पर कांच की बोतलें क्यों टांगी जाती है? लॉजिक जान आप भी कहेंगे 'वाह'

जब कोई व्यक्ति, घुसपैठिया या जंगली जानवर तारों को छूता है या पार करने की कोशिश करता है, तो लटकी हुई बोतलें आपस में टकराने लगती हैं. कांच की टकराहट से तेज खनक पैदा होती है. यही आवाज सीमा पर तैनात जवानों के लिए चेतावनी का काम करती है और वे तुरंत सतर्क हो जाते हैं.

Advertisement
AI Made Image AI Made Image

जब हम भारत की सीमाओं के बारे में सोचते हैं, तो हमारे दिमाग में अक्सर कंटीली तारों वाली बाड़ की तस्वीर आती है. लेकिन अगर ध्यान से देखा जाए तो इन तारों में कांच की बोतलें टंगी होती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ये बोतलें टंगी क्यों जाती हैं? अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं, इसके छिपा बड़ा राज, जिसे जान आपके होश उड़ जाएंगे.

पहली नजर में भले ही ये बोतलें बेकार या फेंकी हुई चीज लग सकती हैं, लेकिन इसका बहुत जरूरी काम है. भारत की सीमाएं हजारों किलोमीटर लंबी हैं. ये सीमाएं सिर्फ मैदानों से नहीं गुजरती, बल्कि घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों, दलदली इलाकों और बेहद दुर्गम क्षेत्रों से होकर जाती हैं. ऐसे इलाकों में हर जगह आधुनिक सेंसर, थर्मल कैमरे या अलार्म सिस्टम लगाना न तो आसान होता है और न ही हमेशा संभव.

क्या है कांच की बोतलों का काम
दरअसल, ये बोलतें देसी अलार्म का काम करती हैं. बीएसएफ ने राजस्थान से जम्मू तक तारबंदी पर कुछ-कुछ दूरी पर खाली बोतलें टंगी हुई है. ऐसा इसलिए किया गया है कि अगर कोई तारों को छूता है तो बोतल टकराकर बजने लगेंगी, जिससे हमारे जवान अलर्ट हो जायेंगे. इससे जवानों को पता चल जाता है कि कोई  दुश्मन हमारी सरहद में घुसने की कोशिश कर रहा है और जवान हरकत में आ जाते हैं. इसके चलते घने कोहरे में भी दुश्मन हमारे देश में घुसने की कोशिश नहीं कर पाएंगे. यही कारण है कि इसे एक सस्ता, भरोसेमंद और सरल सुरक्षा उपाय माना जाता है.

इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत है कि इसे चलाने के लिए न बिजली चाहिए, न इंटरनेट, न बैटरी. न ही इसके लिए किसी महंगे रखरखाव की जरूरत होती है. खाली कांच की बोतलें आसानी से मिल जाती हैं और इन्हें लगाने में बहुत कम खर्च आता है. खासतौर पर रात के सन्नाटे में, इन बोतलों की टकराने की तेज आवाज दूर तक सुनाई देती है. गश्त पर मौजूद सैनिक इस आवाज को पहचानने के लिए प्रशिक्षित होते हैं. आवाज सुनते ही वे तुरंत सतर्क होकर कार्रवाई करते हैं.

कितना लंबा है पाकिस्तान और भारत का बॉर्डर
जानकारी के अनुसार भारत- पाकिस्तान बॉर्डर की कुल लंबाई 3323 किमी है. इस बॉर्डर को अगर राज्यों के हिसाब से बांटा जाए तो जम्मू-कश्मीर-पाकिस्तान बॉर्डर की लंबाई 1225 किमी, राजस्थान-पाकिस्तान बॉर्डर की लंबाई 1037 किमी, पंजाब-पाकिस्तान बॉर्डर की लंबाई 553 किमी और गुजरात-पाकिस्तान बॉर्डर की लंबाई 508 किमी है.

ये भी पढ़ें: